आखिर Middle Class के लोग असफल क्यों हो जाते है?

आखिर Middle Class के लोग असफल क्यों हो जाते है? | why middle class people get failer

आज के दौर पर सभी देश की मानव जाती पैसा कमाने के पीछे भाग रही है. सभी लोगो को पैसा कमाना है और अमीर बनाना है पर सिर्फ 10 प्रतिसद लोग ही सफल हो पाते है. बाकि बचे 90 प्रतिसद में 20 प्रतिसद गरीब और 70 प्रतिसद लोग अपनी पूरी जिन्दगी मिडल क्लास में ही गुजार देते है और अपनी कई सारी ख्वाइसे पूरी करे बिना ही मर जाते है. आखिर ऐसा क्यों होता है? क्यों गरीब लोग गरीब ही रहे जाते है? क्यों मिडल क्लास के लोग कभी भी सफल नहीं होपाते है? ऐसी क्या वजह है की उनका सपना कभी सच ही नहीं हो पाता है?


क्युकी में भी एक मिडल क्लास फेमिली से ही हु इसी वजह से मैंने सोचा की आखिर एसा क्यों होता है की पूरी दुनिया में 70 प्रतिसद से ज्यादा लोग अपनी जिन्दगी मिडल क्लास में ही निकाल देते है और अपनी ज्यादातर ख्वाइस सिर्फ सपना बनकर ही रहे जाती है. इसी वजह से हाल ही में मेने कुछ Case Study की है जिससे मुझे कुछ बाते पता चली और जयादातर cases में यही कारन होता है हम लोगो के असफल होने का. चलिए जानते है इस आर्टिकल में माध्यम से आखिर Middle Class के लोग असफल क्यों हो जाते है?
  1. जिम्मे दारियो के बोज तले तब जाना
  2. मिडल क्लास सोच
  3. रिस्क उठाने से डरना
  4. टाइम पास करना
  5. किसी भी काम करने में शर्मिंदगी महेसुस करना
  6. हमेसा किस्मत को कोसते रहेना
  7. निष्कर्ष 
चलिए जानते है एक एक करके सारे मुद्दों के बारे में


जिम्मे दारियो के बोज तले तब जाना
ज्यादातर मिडल क्लास के लोगो की असफलता के पीछे यही मुख्य वजह की उन पर जिम्मेदारियो का बोझ इतना ज्यादा होता है की वो इस बोझ तले पूरी तरह से दब जाते है और कभी भी उठ नहीं पाते है. वो जितना भी कमाते है वो सारा पैसा अपने परिवार में ही खर्च हो जाता है.  इसके चलते वो लोग दिन के 12 से 16 घंटा काम करते है और मानसिक तनाव में ही रहेते है. एक रिसर्च से यह बात साबित हुई है की मिडल क्लास के लोग इसी तनाव के चलते अपनी पूरी जिन्दगी में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते है.



मिडल क्लास सोच
मिडल क्लास के लोग की दूसरी सबसे बड़ी तकलीफ उनकी सोच है. हमेशा नेगेटिव ही सोचते रहेते है.आपको आज कई सारे ऐसे बड़े बड़े लोग नजर आएगे जो एक समय में गरीब ही थे लेकिन अपने जूनून और सोच की वजह से उन लोगो ने अपनी किस्मत बदली है. एसे ही कुछ लोग है,

केवल 5 साल की उम्र में अपने पिता को गुमा दिया था और 10 साल के बाद अपनी मा से भी बिखड गए थे. इसके बाद वो 1009 बार अलग-अलग जगह से रिजेक्ट हो गए थे जिसके चलते  65 साल की उम्र के बाद अपना business शुरू किया और यह वही कंपनी है जो पूरी दुनिया में KFC के नाम से जानि जाती है.(KFC कंपनी कैसे बनी? KFC के संस्थापक कर्नल सैंडर्स की सफलता की कहानी)



स्टीव जॉब्स Apple कंपनी की स्थापना करने वाले स्टीव जॉब्स की जिंदगी में कभी भी दुखो की कमी नहीं रही है. उनके पास पढाई करने के लिए, खाने के लिए पैसे नहीं थे, कई कई दिन तो बहार जमीन पर सोना पड़ता था. कृष्णा मदिर में मुफ्त में भोजन करना पड़ता था. एसी हालत में भी उन्हों ने कभी भी हार नहीं मानी और सफल हो कर दुनिया के सामने एक उदाहरन रखा.

शाहरुख़ खान आज भले ही शाहरुख़ खान की गणना सुपर स्टार में की जाती हो लेकिन उन्हों ने भी अपनी जिंदगी में काफी दुःख झेले है. वो भी एक मिडल क्लास से ही थे.  सिर्फ 15 साल की उम्र में मा की और 25 साल की उम्र में पिता की मृत्यु भी हो गई थी. सर्रे जिम्मेदारियो से अकेले ही लड़कर आगे बढे और आज एक सफल इन्सान में सामिल हुए.

खैर इन लोगो के हाथ-पैर तो फिर भी सलामत थे लेकिन कई सारे एसे लोग भी है जिन्हों ने विकलांगता के बावजूद भी इतिहास रचा. उनके बारे में जानने के लिए आप हमारी यह पोस्ट पढ़ सकते हो. 


रिस्क उठाने से डरना
आज अगर हम अपने आसपास नजर डालेगे तो ज्यादातर लोगो की सोच यही होगी की सिर्फ नौकरी ही करनी चाहिए है. अगर कोई इन्सान कुछ नया करना चाहता है तो सभी लोग आकार उस पर टूट पड़ेगे और कहेगे की चुप चाप नौकरी कर. क्यूंकि आज के दौर पर business करना असंभव है, अगर फ़ैल हो गया तो ? एसे सवाल कर कर बच्चे का मनोबल तोड़ देते है और वो लड़का अपनी पूरी जिन्दगी सिर्फ नौकरी में ही गुजार देता है और कभी भी आगे नहीं बढ़ पाता है.


टाइम पास करना
आज अगर बात करे समय की बर्बादी की तो इसमें मिडल क्लास के लोग सबसे ऊपर नजर आते है. मिडल क्लास के लोग अपना समय social Media और गेम में ही निकाल देता है और रीसर्च के मुताबिक पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा social मीडिया का इस्तमाल करने में भारत दुसरे नंबर पर आ गया है. 

आज कई सारी ऑनलाइन पैसे कमाने की तक हमको मिल रही है लेकिन इसका इस्तमाल कोई नहीं करता है. अगर रोजाना हम अपने समय की Analyses करेगे तो पता चलेगा की मिडल क्लास के लोग(खास करके 15 से 35 उम्र वाले) लोग 3 से 4 घंटे फालतू में बर्बाद करते है. अगर यही समय सही जगह पर लगाया जाए तो हम आगे बढ़ सकते है.(ब्लॉग्गिंग, एफिलिएट मार्केटिंग, YouTube, Freelancer) और जिम्मेदारियों के बोझ से भी छुट सकते है.

किसी भी काम करने में शर्मिंदगी महेसुस करना
यह भी एक बहोत ही बड़ा कारन है जिसके चलते हम अपने परिवार का खर्चा भी नहीं उठा पाते है. आज के दौर पर अगर कोई पढ़ा लिखा इन्सान अपनी जॉब से तंग आकार आगे बढ़ने के लिए कुछ नया करने की सोचेगा तो उनके परिवार वाले कहेते है की ये नहीं करना चाहिए, वो नहीं करना चाहिए, तू पढ़ा लिखा है लोग क्या कहेगे, यही सोच के कारन मिडल क्लास के लोग कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते है. उनको हर बार यही डर रहेता है की लोग क्या सोचेगे. 

अगर आगे बढ़ना है तो यह बात समजनी होगी की "कोई भी काम बड़ा या छोटा नहीं होता, छोटी होती है हमारी सोच जो हमें आगे बढ़ने से रोकती है".


हमेसा किस्मत को कोसते रहेना
गरीब और मिडल क्लास के लोग सपने तो देखते है पर इसको पुरे करने के लिए कभी भी महेनत नहीं करते है. हमेशा किस्मत के भरोसे ही बैठे रहेते है और रोते रहते है की भगवान तूने मुझे गरीब क्यों बनाया. भगवान हर किसी को एक मौका जरुर देती है आगे बढ़ने का. इसके लिए में आपको एक Example बताता हु.

Example
एक गरीब आदमी था जो हमेश भगवान से सिकायत करते रहेता था की मुझे गरीब क्यों बनाया और मेरे सामने वाले को अमीर क्यों बनाया. रोज रोज की सिकायत की वजह से भगवान ने सोचा चलो आज उसको जवाब दे ही देता हु की तू गरीब क्यों है.  इसे लिए भगवान ने उनके सामने रहेने वाले अमीर इन्सान को भी इस गरीब इन्सान की बरोबर बना दिया और दोनों को भगवान ने मछली पकड़ने वाली एक छड़ी देदी.अब दोनों की हालत एक जैसी ही थी. दोनों के पास एक जैसा झोपड़ा था.


आखिर Middle Class के लोग असफल क्यों हो जाते है? | why middle class people get failer

अब भगवान ने जो छड़ी दी थी इससे दोनों ही मछली पकड़ने लगे. पहेले ही दिन दोनों को 10-10 मछलिया मिली. मछली पकड़ने के बाद जो पहेले से ही गरीब था उस आदमी ने सारी मछली बेच दी जिअसे उनको 2000 हजार रूपये मिले जो इसने एक ही दिन में अपने परिवार को अच्छा खाना और कपडा दिलाने में खर्च कर दीए. वही दूसरी तरह वो इन्सान था जो अमीरी से गरीब बना था, उसने सिर्फ 9 मछलिया बेचीं और 1 मछली अपने परिवार के साथ मिलकर थोडा थोडा खा लिया. जिससे उसके पास 1800 रूपये बचे. इस बचे हे रूपये में से उसने अगले दिन 1000 रूपये देकर एक नइ छड़ी और 500 रुपये देकर एक मजदुर रख लिया और बाकि के रुपए बचा कर रख लिए.

अब दुसरे दिन वो गरीब इन्सान को 10 मछलिय मिली वही दुसरे इन्सान को 20 मछलिया मिली क्यूंकि इसने एक मजदुर रखा था. गरीब इन्सान ने फिर सारे पैसे मोज-मस्ती में खर्च कर दिए वही दुसरे इन्सान ने आज भी सिर्फ 2 मछलिया खा कर अपने परिवार के साथ खाना खाया और बची हुए 18 मछली बेच कर RS. 3600 से  2 छड़ी खरीदी और 3 मजदुर भी रख लिए फिर भी इसके पास और 100 रुपये बचे. 
why middle class people get failer
एसा कुछ दिनों तक चलता गया. वो गरीब इन्सान हर दिन 10 मछली पकड़ता और इसको बेच कर सारा पैसा खर्च कर देता जबकि दूसरी और वो इन्सान जिसको भगवान ने गरीब बनाया था उसने अपने दिमाग से अपने लिए कई सारे लोगो को रख लिया था. अब उसको काम करने की जरुरत नहीं थी इसके लिए कई सारे मेनेजर और accountant रख लिए थे और पहेलसे से भी ज्यादा अमीर बन गया था. 


कुछ दिनों के बाद सिकायत करने वाला आदमी आज भी भगवान से यही सिकायत करता था की हे भगवान तूने मुझे गरीब क्यों बनाया. अब आप भी समजदार है की यह बात समज सकते हो की भगवान किसी के साथ भी नाइंसाफी नहीं करता पर अपनी सोच के कारन गरीब लोग गरीब ही रहेते है.

निष्कर्ष
जेसे की हमने बात की की क्या अंतर है मिडल क्लास और अमीर लोग के बिच में. यहाँ पर में अमीरी-गरीबी की बात नहीं करता हु, लेकिन मिडल क्लास लोगो के असफल होने की बात कर रहा हु. अगर हम मिडल क्लास लोग अच्छी तरह से अपनी जिन्दगी पर Analysis करे तो अपने फालतू के समय को सही जगह लगाकर अमीर न सही पर इतने Capable तो बन ही सकते है की अपनी और अपने परिवार की ख्वाइसे पूरी कर सके. यदि एसा होता है तो यह सफलता ही कहेलाती है.



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