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Forest Spotted Owlet in Hindi | जाने भारत के सबसे दुर्लभ पक्षी चित्तीदार उल्लू के बारे में

Information  about Spotted Owlet in Hindi - चित्तीदार उल्लू दुर्लभ कैसे हो गया?

क्या आप जानते हैं कि भारत का एक उल्लू ऐसा भी है जिसे 113 सालों तक विलुप्त समझा जाता रहा, और फिर 1997 में अचानक फिर से खोज लिया गया? यह है Forest Spotted Owlet in hindi भारत के सबसे दुर्लभ और रहस्यमयी पक्षियों में से एक. अक्सर लोग इसे आम Spotted Owlet (चीबरी) समझ लेते हैं, लेकिन असल में यह एक बिल्कुल अलग और गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है.

“चीबरी” नाम असल में भारत के सबसे आम पक्षी Spotted Owlet (Athene brama) का गुजराती नाम है, जो आज भी हर जगह आसानी से दिख जाता है. जिस दुर्लभ पक्षी की बात इस article में हो रही है वह असल में Forest Owlet (Athene blewitti) है, जिसे गुजराती में “डांगी चीबरी” कहा जाता है — यह दोनों अलग-अलग प्रजातियां हैं.

आज भी दुनिया भर के birdwatchers और वैज्ञानिक इस पक्षी को ढूंढने की कोशिश में लगे रहते हैं. चलिए जानते हैं कि यह पक्षी विलुप्त होते-होते कैसे बचा, और आज इसकी असली स्थिति क्या है.

Forest Owlet (Athene blewitti) भारत के मध्य क्षेत्र में पाया जाने वाला एक अत्यंत दुर्लभ उल्लू है, जिसे 113 साल तक विलुप्त समझा गया था और 1997 में फिर से खोजा गया. IUCN Red List पर इसे “Endangered” श्रेणी में रखा गया है, और इसकी कुल संख्या 1000 से भी कम आंकी गई है, जिससे यह भारत के सबसे संकटग्रस्त पक्षियों में शामिल है.

Forest Spotted Owlet in Hindi, जाने भारत के सबसे दुर्लभ पक्षी चित्तीदार उल्लू के बारे में, Information and Facts about Forest Spotted Owlet in Hindi

Information  about Spotted Owlet in Hindi – चित्तीदार उल्लू दुर्लभ कैसे हो गया?

एक समय था जब भारत के महाराष्ट्र राज्य को owlet पक्षी का गढ़ माना जाता था, खास करके महाराष्ट्र के तोरणमल जंगल में इसका निवास था. यह पक्षी ज्यादातर वन और जंगल में रहना पसंद करता है.

महाराष्ट्र के बाद Forest Spotted Owlet in Hindi भारत के छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में भी भारी मात्रा में पाए जाते थे. लेकिन पिछले 50 सालों से भारी मात्रा में जंगल की कटाई के कारन यहाँ पर भी यह पक्षी देखने को नहीं मिलता है.

भारत में 19 मी सदी में England के पक्षी शास्त्री और कांग्रेस पक्ष के संस्थापक Allan Octavian Hume (एलन ऑक्टेवियन ह्यूम) ने सन 1872 में और सन 1884 में इस दुर्लभ पक्षी को देखा था इसके बाद करीब 113 साल तक यह पक्षी किसी को भी नहीं दिखा था. बाद में सन 1997 में अमेरिका की पक्षीशास्त्री पामेला रासमुसेन (Pamela Rasmussen) जब भारत में आई तब उसने चित्तीदार उल्लू को देखा और तुरंत ही अपने कैमरे से ढेर सारी तस्वीर खींची ली.

1997 में Pamela Rasmussen की खोज के बाद Forest Owlet महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात और यहां तक कि Western Ghats के कई अलग-अलग इलाकों में बार-बार देखा गया है. The Peregrine Fund और Wildlife Research and Conservation Society (WRCS) India 2025 में भी इसकी population survey कर रहे हैं. यह पक्षी विलुप्त नहीं हुआ है, बल्कि आज भी बेहद ही दुर्लभ और संकटग्रस्त स्थिति में मौजूद है.

हमने पहले ही दुनिया के कुछ विलुप्त पक्षी पर आर्टिकल लिखा हुआ है, यदी आपने नहीं पढ़ा है तो पढ़ सकते है. दुसरे पक्षिओ की तरह Spotted Owlet in Hindi का विनाश भी जंगल की कटाई के कारन हुआ है. ज्यादातर साग की लकड़ी के लिए हमने जंगल का विनाश किया है उस विनाश के कारन ना सिर्फ जंगल ही खत्म हुए बल्कि पूरी की पूरी Forest Owlet की प्रजाति ही शायद खत्म हो गई.

चित्तीदार उल्लू के बारे में कुछ रोचक तथ्य – Facts about Spotted Owlet in Hindi

1. Spotted Owlet in Hindi दिखने में उल्लू जैसा ही होता है. पर यह उल्लू से छोटा होता है और इसकी चोंच उल्लू से ज्यादा मुड़ी हुई होती है.

2. एक समय में यह पक्षी पूरे एशिया में पाया जाता था. यह खुले मैदान, जंगल और इमारत में रहना पसंद करता था.

3. चित्तीदार उल्लू की ऊंचाई करीब 8 से 9 इंच होती है. इसका ऊपरी हिस्सा भूरे रंग का होता है, वहीं इसकी आंख पीले रंग की होती है.

4. Spotted Owlet उल्लू की तरह पूर्णतः निशाचर नहीं है. यह दिन में भी बाहर निकलता है.

5. यह छोटे जीव-जन्तु, कीड़े, बिच्छू और कभी-कभी साँप को भी खाता है.

6. चित्तीदार उल्लू की आवाज बहुत ही कठोर होती है. इसकी आवाज चि-चि-चिरुर के साथ शुरू होती है और चिरवाक-चिरवाक के साथ खत्म होती है. यह ज्यादातर सूर्यास्त और सूर्योदय के समय आवाज निकालता है.

7. Spotted Owlet का प्रजनन काल नवंबर में आता है. एक मादा कई सारे नर के साथ सहवास करती है और सहवास के बाद 3 से 4 अंडे देती है.

8. आज भारत में Forest Owlet की कुल संख्या IUCN Red List के अनुसार 250 से 999 के बीच (यानी 1000 से भी कम मैच्योर पक्षी) है. सन 2018 में इसकी Conservation Status को “Critically Endangered” से बदलकर “Endangered” कर दिया गया है, फिर भी habitat के नुकसान के कारन इसकी संख्या लगातार घटती जा रही है.

Forest Owlet इकलौता उल्लू है जिसे Wildlife Protection Act, 1972 की Schedule I में रखा गया है, और यह CITES Appendix I में भी शामिल है, यानी इसके संरक्षण को कानूनी तौर पर सबसे ऊंची प्राथमिकता दी गई है.

दोस्तों, आपको, भारत के सबसे दुर्लभ पक्षी चित्तीदार उल्लू के बारे में – Forest Spotted Owlet in Hindi आर्टिकल कैसा लगा हमें comment में जरुर बताना. यदि आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो इसको अपने दोस्तों के साथ भी शेयर जरुर करना.

FAQs

  1. Forest Owlet और Spotted Owlet में क्या फर्क है?

    Spotted Owlet (Athene brama) भारत में हर जगह आम तौर पर मिलने वाला पक्षी है, जबकि Forest Owlet (Athene blewitti) एक बेहद दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजाति है जो सिर्फ मध्य भारत के कुछ जंगलों में बची है.

  2. Forest Owlet को दोबारा कब खोजा गया था?

    Forest Owlet को 113 साल तक विलुप्त समझा जाता था, जब तक 1997 में अमेरिकी पक्षीशास्त्री Pamela Rasmussen ने इसे महाराष्ट्र में दोबारा नहीं खोजा.

  3. आज Forest Owlet की कुल संख्या कितनी है?

    IUCN के अनुसार आज दुनिया में Forest Owlet की कुल संख्या 250 से 999 के बीच है, यानी यह प्रजाति Endangered श्रेणी में आती है.

  4. Forest Owlet कहां पाया जाता है?

    यह मुख्य रूप से महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और गुजरात के टीक (साग) के जंगलों में पाया जाता है.

5 thoughts on “Forest Spotted Owlet in Hindi | जाने भारत के सबसे दुर्लभ पक्षी चित्तीदार उल्लू के बारे में

  1. Hey Bhavesh Patel ,

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    -Aadarsh

  2. hello sir apki help chahiye ek word mila he hme ghayal he mujhe kuch smjh nhi arha

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