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Top 10 Beautiful Birds in the world | दुनिया के 10 बेहद खुबसूरत पक्षी जिनको देखकर आप खुश हो जाओगे

Top 10 Beautiful Birds in the world | दुनिया के 10 बेहद खुबसूरत पक्षी जिनको देखकर आप खुश हो जाओगे

Top 10 Beautiful Birds in the world: दोस्तों, इस दुनिया में हम इन्सानो ने कई सारी एसी खुबसूरत चीजे बनाई है जो लाजवाब है पर फिर भी कुदरत की बनाई हुई कुछ चीजो के सामने वो कुछ भी नहीं है. एसा ही कुछ है पक्षिओ के साथ. हमारी इस दुनिया में कई सारे एसे पक्षी है जो देखने में बेहद ही खुबसूरत है, जिनको देखने से आपको एसा लगेगा की दिन भर इस पक्षिओ को बस देखते ही रहे.

हमारी दुनिया में पक्षिओ की कई हजारो प्रजातीया मोजूद है और सभी पक्षी खुबसूरत ही होते है, पर आज के इस आर्टिकल में में आपको दुनिया के बेहद 10 खुबसूरत पक्षिओ-Top 10 Beautiful Birds in the world के बारे में बताने वाला हु. सायद उनमे से आप ने 1 या 2 पक्षिओ को जरुर देखा होगा लकिन एक बात बिलकुल सच है की आपको इस पक्षिओ के बारे में जानकर बहोत ही ख़ुशी महसूस होगी. तो चलिए आर्टिकल की शुरआत करते है.

दुनिया के 10 सबसे खूबसूरत पक्षी । Most Beautiful Birds in the World

दुनिया में पक्षियों की 10,000 से भी अधिक प्रजातियाँ पाई जाती हैं, और इनमें से कुछ इतनी अद्भुत और रंगबेरंगी हैं कि इन्हें देखकर आँखें चुंधिया जाती हैं। यहाँ हम दुनिया के 10 सबसे खूबसूरत पक्षियों की सूची साझा कर रहे हैं, जिनकी सुंदरता को देखकर आप मंत्रमुग्ध हो जाएंगे। इनमें भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर से लेकर अटलांटिक महासागर का “समुद्री तोता” तक शामिल हैं, हर एक पक्षी अपनी तरह का अनूठा और लाजवाब है।

Peacock (मोर)

White Peacock. Top 10 Beautiful Birds in the world | दुनिया के 10 बेहद खुबसूरत पक्षी जिनको देखकर आप खुश हो जाओगे

खुबसूरत पक्षीओ के बात करे और इसमें अगर हमारे राष्ट्रीय पक्षी मोर की बात ना करे तो, ये तो मोर के साथ नाइंसाफी होगी. मोर भारत का ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का सबसे खूबसूरत पक्षी है. इसी लिए इसको Top 10 Beautiful Birds in the world की श्रेणी में सबसे पहला स्थान दिया है. मोर के बारे में तो सभी लोग जानते है क्यूंकि यह आसानी से हमारे गावं में दिखाई देता है.

दुनिया भर में मोर की तीन प्रजातियां पाई जाती है, जो देखने में बेहद खुबसूरत और अदभुत है. सफ़ेद मोर भी दिखने में बेहद ही खुबसूरत लगते है. मोर का Scientific Name Pavo cristatus है। IUCN Red List के अनुसार भारतीय मोर की Conservation Status Least Concern (कम चिंताजनक) है, लेकिन इसके Habitat का नुकसान और अवैध शिकार एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। भारत में 1963 में मोर को राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था। मोर मुख्यतः राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में पाया जाता है।

क्या आप जानते हैं? मोर की पूँछ जिसे हम पंख समझते हैं, वो असल में उसकी “Train” (ऊपरी पूँछ के पंख) होती है — और इसकी लम्बाई 1.5 मीटर तक हो सकती है! नर मोर ही यह खूबसूरत पंख फैलाता है — मादा (मोरनी) के ये नहीं होते।

Golden Pheasant (गोल्डन फेजेंट)

Golden Pheasant seating

गोल्डन फेजेंट अपने अनोखे रंग और खुबसूरत डिजाईन के कारन लोगो को बेहद पसंद आता है. सुनहरे और लाल रंग के कारन इस पक्षी को गोल्डन फेजेंट नाम दिया गया है. यह पक्षी ज्यादातर चीन के पहाड़ी और जंगल के इलाको में पाया जाता है क्यूंकि इसको जंगल और पहाडी इलाका ज्यादा पसंद आता है.

चीन के आलावा गोल्डन फेजेंट यूके, केनेडा, अमेरिका, मेक्सिको, कोलम्बिया, पेरू, जर्मनी, बेल्जियम, फ़्रांस, आयरलैंड, ओस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड और इंग्लैंड के पहाड़ी इलाको में पाए जाते है. गोल्डन फेजेंट का वजन करीब 500 से 800 ग्राम तक होता है और इसकी लम्बाई 42 सेमी तक होती है.

इसका Scientific Name Chrysolophus pictus है। IUCN के अनुसार इसकी Conservation Status Least Concern है। भारत में यह प्रजाति प्राकृतिक रूप से नहीं पाई जाती, लेकिन कई Zoo और Bird Sanctuaries में इसे देखा जा सकता है।

Hummingbird (हमिंगबर्ड)

Hummingbird (हमिंगबर्ड)

हमिंगबर्ड अपनी रंग बदलने की क्षमता के कारन बेहद आकर्षित लगता है. यह जभ भी अपना सिर हिलाती है तब उसके रंग बदलते रहेते है. यह पक्षी ट्रोचिलीडाय परिवार का हिस्सा है. हमिंगबर्ड दुनिया के एक लौता पक्षी है जो आगे-पीछे, दाये-बाए किसी भी स्थिति में हवामे स्थिर होकर उड़ सकती है.

यह छोटी सी बर्ड हर 10 मिनिट में खाना खाती है. इसको फूलो का रस पीना पसंद है. इसका वजन 2 से 20 ग्राम तक का ही होता है. यह खुबसूरत पक्षी सिर्फ 4 से 5 साल तक ही जीवित रहेता है क्यूंकि इतने समय में ही वो उल्लू, सांप या किसी मांसाहारी पक्षी का शिकार हो जाती है। हमिंगबर्ड की दुनिया में 300 से अधिक Species पाई जाती हैं और यह सिर्फ अमेरिका (उत्तरी और दक्षिणी) में ही पाई जाती हैं। यह Ecology के लिए बेहद जरूरी पक्षी है — फूलों का रस पीते वक्त यह Pollination (परागण) में अहम भूमिका निभाती है। IUCN के अनुसार इनमें से कई Species Vulnerable श्रेणी में हैं।

Wood Duck (लकड़ी बतख)

Wood Duck Swimming in the river

Wood Duck पक्षी उत्तरी अमरीका के जंगल के दलदली इलाको में पाए जाते है. यह पक्षी भी बेहद खुबसूरत है. यहा खुबसूरत पक्षी को देखकर किसी का भी मन उस पर लग जाता है. यह पक्षी पानी के आलावा जमीन पर भी सुरंग करके अपना घर बनाकर रहेते है. इस पक्षिओ की प्रजाति और संख्या पूरी दुनिया में बहोत ही कम है।

Wood Duck का Scientific Name Aix sponsa है। IUCN की Red List में इसकी Conservation Status Least Concern है, लेकिन 20वीं सदी की शुरुआत में अत्यधिक शिकार और Habitat Destruction की वजह से यह प्रजाति लगभग विलुप्त होने के कगार पर आ गई थी। संरक्षण प्रयासों की बदौलत आज इसकी संख्या वापस बढ़ी है। नर Wood Duck को उसकी हरी-नीली शिखा और लाल आँखों के कारण आसानी से पहचाना जा सकता है — पक्षी प्रेमी इसे उत्तरी अमेरिका के सबसे रंगीन बत्तखों में से एक मानते हैं।

Keel-Billed Toucan (किल-बिल टुकेन)

Keel-Billed Toucan seating on the tree

यह पक्षी दक्षिण अमेरिका के जंगल में पाया जाता है. इसका वजन करीब 4 किलो के आसपास होता है वही इसकी की लम्बाई करीब 20 सेमी तक की होती है. इसकी चोंच पर हरे, लाल और पीले रंग का मिश्रण होता है जिसकी बदोलत यह पक्षी बेहद आकर्षित लगता है. चोंच के मुकाबले उनका शरीर काफी छोटा होता है. किल-बिल टुकेन की चोंच उनके शरीर से बिलकुल अलग दिखती है.

किल-बिल टुकेन की यही खूबसूरती इसकी जान की दुश्मन बन गई है. लोगो को इनकी चोंच इतनी पसंद आती है की इसके लिए कई लोग इस पक्षी का शिकार करते है. जिसकी वजह से इस पक्षी की प्रजाती भी कम होने लगी है।

इसका Scientific Name Ramphastos sulfuratus है। IUCN Red List के अनुसार इसकी Conservation Status वर्तमान में Least Concern है, लेकिन Amazon के जंगलों की कटाई (Deforestation) इसके Habitat को तेजी से नष्ट कर रही है। यह पक्षी Ecologically महत्वपूर्ण है क्योंकि यह फलों के बीज फैलाकर जंगल को पुनर्जीवित रखने में मदद करता है।

Blue jay (नीलकंठ)

Blue jay bird is eating

यह पक्षी ज्यादातर भारत में पाया जाता है. हिन्दू धर्म में इस पक्षी को पवित्र पक्षी माना गया है क्यूंकि भगवान शिव को भी नीलकंठ कहा जाता है. भारत के आलावा यह पक्षी इंडोनेसिया, इराक और भारतीय उपमहांद्विप में पाया जाता है. वेसे तो इस पक्षी की संख्या अधिक थी और भारत के सभी इलाको में पाए जाते थे लेकिन जंगल की कटाई और रेडिएशन की वजह से यह खुबसूरत पक्षी अब कभी कभी गाँव में और जंगल में ही पाए जाते है.

जब भी यह पक्षी आसमान में उड़ता है तब इसके पंखो का नीला रंग अलग-अलग Shades में दिखाई देता है. दिखने में तो यह पक्षी बेहद ही खुबसूरत है लेकिन इसकी आवज बिलकुल कौवे की तरह कर्कस होती है. यह पक्षी की लम्बाई करीब 27 सेमी होती है वाही इसका वजन 80 से 100 ग्राम तक होता है।

नीलकंठ (Indian Roller) का Scientific Name Coracias benghalensis है। IUCN के अनुसार इसकी Conservation Status Least Concern है। यह पक्षी भारत में ओडिशा, तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्रप्रदेश का राज्य पक्षी भी है — जो इसके सांस्कृतिक और पारिस्थितिक महत्व को दर्शाता है।

Scarlet Macaw (स्कार्लेट मकाव)

Scarlet Macaw seating on the tree

स्कार्लेट मकाव दुनिया के सबसे खुबसूरत और रंगबेरंगी पक्षिओ में से एक है. यह तोता इतने रंगों से भरा हुआ है की इसको देखने वाले की नजर इस पर से हटती ही नहीं है. यह एक तोते की प्रजाति का ही पक्षी है जो अमेरिका, ब्राजील, मेक्सिको और अमेज़न के जंगल में पाया जाता है. अमेरिका के लोग इस बेहद खुबसूरत मकाव को अपने घर में पालते है. स्कार्लेट मकाव की लम्बाई करीब 80 से 90 सेमी तक होती है जबकि इसका वजन लगभग 2 किलोग्राम तक होता है.

हर तोते की तरह इस पक्षी की भी घुमाऊदार चोंच होती है. इसकी आँखों के निचे सफ़ेद रंग होता है जिसकी वजह से यह पक्षी और भी ज्यादा खुबसूरत दीखता है. अगर इसका शिकार न किया जाए तो स्कार्लेट मकाव 40 से 50 सालो तक जीवित रहे सकता है. यह पक्षी 60 किलोमीटर/घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है।

इसका Scientific Name Ara macao है। IUCN Red List के अनुसार इसकी Conservation Status Least Concern है, लेकिन Central America और कुछ देशों में यह Locally Endangered माना जाता है क्योंकि पालतू पक्षी के रूप में इसकी अवैध तस्करी और Habitat Loss इसकी सबसे बड़ी समस्याएँ हैं।

Bohemian Waxwing (बोहेमियन वैक्सिंग)

Bohemian Waxwing eating a fruit

बोहेमियन वैक्सिंग एक बेहद ही खुबसूरत पक्षी है. यह पक्षी ज्यादातर उत्तरी अमेरिका, केनेडा, अल्सका और एसिया के जंगलो में पाए जाते है. इनके शरीर का उपरी हिस्सा भूरे रंग का होता है. इस पक्षिओ की आवाज बेहद ही मधुर होती है. इसका वजन करीब 50 से 70 ग्राम तक होता है वही इसकी लम्बाई 15 से 20 सेमी तक की होती है।

बोहेमियन वैक्सिंग का Scientific Name Bombycilla garrulus है। IUCN के अनुसार इसकी Conservation Status Least Concern है। इस पक्षी की पंखों पर चमकदार लाल मोम जैसी नोकें होती हैं, जिसकी वजह से इसे “Waxwing” कहा जाता है। सर्दियों में यह पक्षी झुंड में बड़े फलों वाले पेड़ों पर इकट्ठा होते हैं और फलों के बीज फैलाकर जंगल की Ecology में योगदान देते हैं।

Flamingo (फ्लेमिंगो)

Group of Flaming Birds

इस खुबसूरत पक्षी की लम्बाई 4 से 6 फीट तक की होती है वही उसका वजन करीब 4 किलो होता है. यह पक्षी दुनिया के कई देशो में पाया जाता है, फ्लेमिंगो की दुनिया भर में 6 प्रजातिया है. सभी जगह यह अलग-अलग रंग में पाए जाते है पर ज्यादातर इसका रंग सफ़ेद और नारंगी होता है. यह पक्षी ज्यादातर अमेरिका में पाए जाते है. यह पक्षी शिकार करने के लिए अक्सर समुद्र या नदी के किनारे में पर एक पैर पर खड़े हो जाते है. उनके पंखो की चोडाइ 1 से 3 मीटर तक की होती है।

फ्लेमिंगो का Scientific Name Phoenicopterus roseus (Greater Flamingo) है। IUCN के अनुसार इसकी Conservation Status Least Concern है। भारत में फ्लेमिंगो देखने का सबसे शानदार नजारा गुजरात के कच्छ के रण और मुंबई के ठाणे क्रीक में मिलता है, जहाँ हर साल हजारों फ्लेमिंगो प्रवास के लिए आते हैं। इनका गुलाबी रंग उनके खाने में मौजूद Carotenoid Pigments (झींगे और शैवाल) की वजह से होता है — जन्म के समय ये सफेद होते हैं!

क्या आप जानते हैं? फ्लेमिंगो एक पैर पर इसलिए खड़े होते हैं ताकि शरीर की गर्मी बनाए रख सकें, यह उनकी Thermoregulation की अद्भुत प्राकृतिक प्रणाली है।

Atlantic Puffin (अटलांटिक पफिन)

group of Atlantic Puffin

ये पक्षी इतना क्यूट है की किसी खिलोने की तरह दीखता है. इसके हाव-भाव और आकार के कारन इसको समुद्री तोता भी कहा जाता है. यह पक्षी ज्यादातर अटलांटिक महासागर के तट पर ही पाया जाता है. इसके आलावा यह पक्षी ग्रीनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और फ़ारोए आइलैंड पर पाया जाता है. अटलांटिक पफिन समुद्र में बहोत ही आसानी से तैर सकते है. यह समुद्र के अंदर पाए जाने वाली छोटी मछलियों को अपना खोराक बनाते है.

इस समुद्री तोते की लम्बाई 28 सेमी के आसपास होती है. अटलांटिक पफिन पानी के अन्दर 7 मीटर तक की गहेराई तक छलांग लगा सकते है. यह पक्षी 55 किलोमीटर/घंटे की स्पीड से उड़ सकते है. यह तोता अपना ज्यादातर समय समुद्र में ही बिताते है. यह पक्षी की ओसतन आयु 20 वर्ष से भी अधिक होती है।

अटलांटिक पफिन का Scientific Name Fratercula arctica है। IUCN Red List के अनुसार इसकी Conservation Status Vulnerable (असुरक्षित) है. समुद्र के बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) की वजह से इनकी संख्या तेजी से घट रही है। National Audubon Society और BirdLife International इनके संरक्षण के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

इसके बारे में हमने विस्तार से विडियो में बताया है, इसको देखने के लिए यहाँ पर क्लिक करे:- Atlantic Puffin Video

दोस्तों, आपको यह अदभुत और बेहद खुबसूरत पक्षिओ की जानकारी कैसी लगी? हमें कमेंट करके जरुर बताए. और साथ ही इस जानकारी को अपने दोस्तों के साथ जरुर share करे.

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. दुनिया का सबसे खूबसूरत पक्षी कौन सा है?

    दुनिया के सबसे खूबसूरत पक्षियों में मोर (Peacock), गोल्डन फेजेंट, स्कार्लेट मकाव और फ्लेमिंगो का नाम सबसे पहले लिया जाता है। भारत का राष्ट्रीय पक्षी मोर (Pavo cristatus) अपनी रंग-बिरंगी पूँछ के कारण पूरी दुनिया में सबसे खूबसूरत पक्षी माना जाता है।

  2. भारत में कौन-कौन से खूबसूरत पक्षी पाए जाते हैं?

    भारत में मोर (राष्ट्रीय पक्षी), नीलकंठ (Indian Roller), किंगफिशर, मोरपंखी तोता, और हर साल प्रवास पर आने वाले फ्लेमिंगो जैसे खूबसूरत पक्षी पाए जाते हैं। गुजरात का कच्छ का रण और मुंबई का ठाणे क्रीक फ्लेमिंगो देखने के लिए प्रसिद्ध हैं।

  3. हमिंगबर्ड इतनी खास क्यों है?

    हमिंगबर्ड दुनिया का एकमात्र पक्षी है जो हवा में स्थिर रहकर आगे-पीछे, दाएं-बाएं — किसी भी दिशा में उड़ सकता है। इसका वजन केवल 2 से 20 ग्राम होता है और यह हर 10 मिनट में खाना खाती है। फूलों का रस पीते वक्त यह Pollination में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

  4. Atlantic Puffin को “समुद्री तोता” क्यों कहते हैं?

    Atlantic Puffin की रंगीन और बड़ी चोंच तोते जैसी दिखती है, इसलिए इसे “समुद्री तोता” (Sea Parrot) कहा जाता है। यह समुद्र में 7 मीटर तक गहरा गोता लगा सकता है और 55 किलोमीटर/घंटे की रफ़्तार से उड़ सकता है। IUCN के अनुसार यह पक्षी अब Vulnerable श्रेणी में है।

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