जलपरी (Mermaid) एक काल्पनिक जल-जीव मानी जाती है जिसका ऊपरी हिस्सा मानव स्त्री जैसा और निचला हिस्सा मछली जैसा होता है. सन 1493 में क्रिस्टोफर कोलंबस और 1842 के “Feejee Mermaid” कंकाल जैसी कई घटनाओं ने इसे असली होने का दावा किया, लेकिन वैज्ञानिकों को आज तक इसका कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. इसलिए जलपरियों को अब भी एक काल्पनिक (mythical) कथा ही माना जाता है.
Mermaids Mystery in Hindi | जलपरियों का सच
दोस्तों, केवल भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर के कई सारे देश ऐसे है जो काल्पनिक कथाओं पर यकीन करते है. आए दिन कोई ना कोई घटना वैज्ञानिको के सामने आती ही रहती है. इसमें कई सारे ऐसे विचित्र जीव होते है जो पूरी दुनिया को हैरान करके रख देता है.
ऐसे कई सरे रहस्य हमारे गहरे समुद्र में छिपे हुए है जिसके बारे में आजतक वैज्ञानिक पता लगा नहीं पाए है. एसा ही एक रहस्य है जलपरियों का (Mermaids Mystery in Hindi). जलपरियों की बात आते है हमारे मन में सवाल आता है की क्या सच में जलपरियाँ होती है? या यह महज एक काल्पनिक कथा है. यदि यह सच में होती है तो फिर किसी को क्यों दिखाई नहीं देती है? चलिए जानते है जलपरियों का रहस्य और उससे जुड़ी रहस्यमई घटनाएँ इस आर्टिकल के माध्यम से.
जलपरियाँ क्या होती है?

जलपरियों का रहस्य और उससे जुड़ी रहस्यमई घटनाएँ (Mermaids Mystery in Hindi )
जलपरियों की कथाए (Mermaids Mystery in Hindi) दुनियाभर में फैमस है लेकिन सन 1493 में क्रिस्टोफर कोलंबस (Christopher Columbus) ने डोमिनिकन रिपब्लिक के करीब समुद्री यात्रा के दौरान तीन जलपरियों को देखने का दावा किया था. उन्होंने अपने लेख में लिखा था की उनकी आँखों के सामने मानव मछली की तरह जीव दिखाई दिया था.
वैसे क्रिस्टोफर कोलंबस ऐसे इन्सान थे जो महान समुद्री नाविक थे, उन्होंने अटलांटिक समुद्र सहित बहुत सारी समुद्री यात्राए भी की थी जिसके कारन उनकी बातों को जुठलाया भी नहीं जा सकता था.
जलपरियों की काल्पनिक कथाए दुनियाभर की लोककथाओ में पाई जाती है जिनमे यूरोप, अफ्रीका और एशिया जैसे महाद्वीप शामिल है. ऐसे में सवाल उठता है की क्या जलपरियाँ सच में होती है?
जुलाई 1842 में अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में British Lyceum Nature of History के Member डॉ. जे. ग्रीफिन ने यह दावा किया की उनके पास एक असली जलपरी है जिसको उन्होंने दक्षिण प्रशांत महासागर में मौजूद फ़ीजि आईलैंड से पकड़ा है. इस Mermaid के कंकाल को एक म्युज़ियम में रखा गया था जिसको “Feejee Mermaid” नाम दिया गया था.
इस कंकाल की तस्वीर को देखकर साफ पता चलता है की यह एक mermaid है. लेकिन सन 1865 में इस म्यूजियम में आग लगने की वजह से यहाँ की सारी चीजें नष्ट हो गई थी लेकिन इस Mermaid की तस्वीर आज भी इंटरनेट पर मौजूद है जो इस बात का सबूत है की जलपरियों जैसी चीजें भी सच में होती है.
इस तरह सन 2012 में Animal Planet द्वारा बनाई गई Documentary जिसका नाम था “Mermaids the Body Found” ने एक बार फिर से दुनिया के लोगो को जलपरियों के होने का अहसास दिलाया.
इस Documentary के अनुसार जब कुछ लोग पानी की गहराई में रहने वाले जीवों के बारे में पता लगा रहे थे तब उनको एक ऐसा जीव भी दिखा जिसका आधा शरीर इंसानों की तरह और आधा मछलियों की तरह दीखता था. इसकी फुटेज को वीडियो में भी दिखाया गया था लेकिन बाद में इसको एक काल्पनिक वीडियो घोषित किया गया था.
इसके बाद सन 2016 में भारत में एक ऐसे बच्चे ने जन्म लिया जिसका आधा शरीर इंसानों की तरह और बाकी का हिस्सा मछलियों की तरह दीखता था. यह बच्चा दिखने में हुबहू जलपरियों जैसा ही दीखता था. हालांकि यह बच्चा सिर्फ 10 मिनट ही ज़िन्दा रहा था. बाद में डॉक्टर ने बताया की यह एक तरह की बीमारी थी जिसका नाम “Sirenomelia” है जिसको “Mermaid Syndrome” के नाम से भी जाना जाता है.
ऐसी कई सारी घटाने सामने आई है लेकिन वैज्ञानिको ने जलपरी के मिलने के सभी सबूतों को गलत माना है. यहाँ तक की Christopher Columbus द्वारा देखि गई Mermaids Mystery in Hindi को भी Scientist जुठ मान रहे है.
सच तो यह है की हमारी धरती पर 70 प्रतिसद पानी है. इसमें से 80 प्रतिसद से भी ज्यादा समुद्र में अभी तक खोज हो ही नहीं पाई है. जिसके कारन समुद्री जीवों की दुनिया आज भी अपने अन्दर कई सारे राज छुपाए हुए है. जिसका कोई भी ठोस सबूत हमको आज तक नहीं मिला है. तो जब तक वैज्ञानिको को जलपरियों का कोई पक्का सबूत नहीं मिलता है तब तक इस बात को एक काल्पनिक कथा ही माना जाएगा.
दोस्तों, यदि आपको जलपरियों का रहस्य और उससे जुड़ी रहस्यमई घटनाएँ | Mermaids Mystery in Hindi आर्टिकल पसंद आया है तो इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर ज़रुर करे.
FAQs:
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क्या जलपरियाँ वास्तव में मौजूद हैं?
नहीं, वैज्ञानिकों को अब तक जलपरी के होने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है. यह ज्यादातर दुनियाभर की लोककथाओं और काल्पनिक कहानियों का हिस्सा मानी जाती है.
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Feejee Mermaid क्या थी?
1842 में न्यूयॉर्क में डॉ. जे. ग्रीफिन ने एक जलपरी का कंकाल होने का दावा किया था, जिसे “Feejee Mermaid” नाम दिया गया. बाद में यह एक बनावटी वस्तु साबित हुई, जो असली जलपरी नहीं थी.
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Christopher Columbus ने जलपरी कब देखने का दावा किया था?
क्रिस्टोफर कोलंबस ने सन 1493 में डोमिनिकन रिपब्लिक के पास समुद्री यात्रा के दौरान तीन जलपरी जैसे जीव देखने का दावा किया था. वैज्ञानिक मानते हैं कि यह असल में मैनेटी या डुगोंग रहे होंगे.
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2012 की “Mermaids the Body Found” डॉक्यूमेंट्री सच थी या झूठी?
यह Animal Planet की डॉक्यूमेंट्री थी जिसमें जलपरी जैसे जीव की फुटेज दिखाई गई थी, लेकिन बाद में इसे एक काल्पनिक (fictional/mockumentary) प्रोडक्शन घोषित किया गया.