कैलाश पर्वत का रहस्य - Mystery of Mountain Kailash
क्यों आज तक कोई भी पर्वतारोह कैलाश पर नहीं चढ़ पाया? - Why no one has climbed on Kailash Mountain in Hindi

यह बात तो हम सभी को मालूम है की भगवान शिव कैलाश पर्वत पर निवास करते है इसी वजह से ही कैलाश पर्वत का एन अनोखा स्थान है. वैसे तो दुनिया की सबसे ऊँची चोटी माउंट एवरेस्ट है जिसकी ऊंचाई 8848 मीटर है पर फिर भी इसके इतने ऊँचे शिखर पर बहोत सारे लोगो ने विजय प्राप्त की हुई है.


वही दूसरी और तिब्बत के हिमालय क्षेत्र में स्थित कैलाश पर्वत की ऊंचाई 6638 मीटर है यानि की दुनिया के सबसे ऊँचे शिखर से करीब 2200 मीटर निचा है फिर भी आज तक कोई भी इन्सान इस शिखर पर विजय प्राप्त नहीं कर सका है. एसा क्या है इस कैलाश पर्वत पर पि आज तक कोई भी पर्वतारोह इस चोटी पर चढ़ नहीं पाया है? चलिए जानते है इस आर्टिकल के माध्यम से.

दोस्तों, एसा नहीं है की इस पर्वत पर चढ़ने की किसीने कोशिष नहीं की है, सच तो यह है की बहोत सारे पर्वतारोह ने इस पर्वत पर चढ़ने की कोशिस की है लेकिन वो नाकामयाब रहे है. एसा ही रशिया का एक पर्वतारोह था सरगे सिस्टीयाकोव. जिसने बताया की "जब में कैलाश पर्वत के बिल्कुल पास पहोच गया तो मेरा दिल तेजी से धडकने लगा. मै इस पर्वत के बिल्कुल सामने था, जिस पर आज तक कोई भी नहीं चढ़ पाया था, लेकिन अचानक मुझे बहोत कमजोरी महेसुस होने लगी और मन में खयाल आने लगा की मुझे यहाँ एक पल भी नहीं रुकना चाहिए. उसके बाद जैसे-जैसे में निचे उतरता गया मेरा मन हल्का होता गया."

एसा ही हुआ था कर्नल आर. सी. विलसन के साथ. जब विलसन ने कैलाश पर्वत पर चढ़ने की कोशिस की तब इतनी भारी मात्रा में बर्फबारी होने लगी की कैलाश पर्वत पर चढ़ना असम्भव हो गया और उनको हार मानकर वहा से वापिस लौटना पड़ा था.

पुराणों के अनुसार कैलाश पर्वत पर धरती और स्वर्ग का मिलन होता है और यह सुमेरु पर्वत का ही अभिरूप है. कैलाश पर्वत पर एसा क्या है की कोई भी आजतक इसके उपर विजय प्राप्त नहीं कर पाया है. इस पर्वत पर चढ़ाई करने के आखिरी कोशिश सन 2001 में की गई थी. फ़िलहाल कैलाश पर्वत पर चढ़ाई करने पर रोक लगी हुई है. क्यूंकि भारत और तिब्बत सहित दुनियाभर के लोगो का यह मानना है की यह एक पवित्र स्थान है, इसलिए इस पर किसी को भी चढ़ाई नहीं कर देना चाहिए.

कैलाश पर्वत पर कई सारे वैज्ञानिको ने मिलकर रीसर्च की है. इस पर रीसर्च करने वाले वैज्ञानिक ह्युरतलिज के मुताबिक इस पर्वत पर विजय प्राप्त करना असम्भव है. रूस के वैज्ञानिको ने अपनी स्टडी से दावा किया है की कैलाश पर्वत धरती का केंद्र बिंदु है और इसको किसी देवी शक्ति ने बनाया होगा.

एसा भी माना जाता है की कैलाश पर्वत पर साक्षात शिव का निवास है और जब कैलाश पर्वत की बर्फ पिघलती है तो पुरे क्षेत्र में डमरू की आवाज सुनाई देती है.

कैलाश के दक्षिण में ब्रह्म ताल है जिसकी सरंचना सूर्य जैसी है और यहाँ का पानी मीठा है, वही इसके ठीक एक किलोमीटर राक्षस ताल है जिसकी सरंचना चंद्र जैसी ह और इसका पानी खारा है. इसका रहस्य आज तक पता नहीं चला की आखिर दो तालाब इतने पास ही है फिर भी दोनों के पानी में फर्क क्यों है.

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