AIDS बीमारी की शुरुआत कब और कहां से हुई? | Origin and Evolution of AIDS in Hindi

पूरी दुनिया में AIDS(Acquired Immune Deficiency Syndrome) एसी बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं है दुनिया भर में HIV/AIDS से प्रभावित लोगों की तीसरी सबसे बड़ी संख्‍या वाला देश भारत है. AIDS(Acquired Immune Deficiency Syndrome) छू ने से फैलती नहीं है. AIDS की बीमारी HIV(Human immunodeficiency virus) नामक वाइरस से फैलती है.

AIDS बीमारी की शुरुआत कब और कहां से हुई? | Origin and Evolution of AIDS in Hindi

एड्स स्वयं में कोई रोग नहीं है बल्कि एक संलक्षण है. यह मनुष्य की अन्य रोगों से लड़ने की नैसर्गिक रोग प्रतिकारक क्षमता को घटा देता हैं  जिसकी वजह से क्रमशः कोई भी अवसरवादी रोग यानि की आम सर्दी जुकाम से ले कर फुफ्फुस प्रदाह, टीबी, क्षय रोग, कर्क रोग जैसे रोग तक सहजता से हो जाते हैं और उनका इलाज करना कठिन हो जाता हैं.

UNICEF की रिपोर्ट के अनुसार 36.9 मिलियन लोग HIV के शिकार हो चुके हैं और भारत में HIV के रोगियों की संख्या लगभग 2.1 मिलियन है. लेकिन क्या आप जानते हैं की AIDS(Acquired Immune Deficiency Syndrome) की शुरुआत कहां से हुई, यह बीमारी सबसे पहले कहां पाई गई थी, किसको हुई थी और किस प्रकार पूरी दुनिया में फैल गई, How to Origin and Evolution of AIDS ? आज के इस आर्टिकल में आपको इसके बारे में सारी जानकारी मिलने वाली है.

AIDS बीमारी की शुरुआत कब और कहां से हुई? | Origin and Evolution of AIDS in Hindi आर्टिकल की शुरआत में जानते है आज के चर्चा होने वाले मद्दो के बारे में.
1)    AIDS क्या है?
2)    एड्स की उत्पति(Evolution of aids)
3)    कैसे फैलता है
4)    कितना समय लेता है एड्स फ़ैल ने में
5)    क्‍या करना होगा AIDS से बचने के लिए
चलिए बात करते है विस्तार से.

AIDS बीमारी की शुरुआत कब और कहां से हुई? | Origin and Evolution of AIDS in Hindi

AIDS क्या है?
AIDS को Acquired Immune Deficiency Syndrome कहते हैं जो कि HIV (Human immunodeficiency virus) से होता है जिसके कारण मानव की रोग प्रतिकारक क्षमता कमजोर हो जाती है जिसकी वजह से शरीर में तरह-तरह की बीमारी होती है और कमजोरी महेसुस होती है. इसलिए रोग प्रतिकारक क्षमता खत्म हो जाने के कारन एड्स से पीड़ित ज्यादातर मरीज एड्स के कारण नहीं मरता है बल्कि किसी अन्य बीमारी के कारन मरता है.

AIDS बीमारी की शुरुआत कब और कहां से हुई? | Origin and Evolution of AIDS in Hindi

एड्स की उत्पति(Evolution of aids)
एचआईवी सबसे पहली बार 19वीं सदी की शुरुआत में जानवरों में मिला था. माना जाता है कि सबसे पहले इस रोग का विषाणु: Human immunodeficiency virus, अफ्रीका के खास प्राजाति की बंदर में पाया गया और वहा के लोग बंदर खाते थे जिस से ये इंसानों में आ गया और वहीं से ये पूरी दुनिया में फैला. अभी तक इसका कोई ठोस इलाज नहीं मिला है लेकिन दुनिया भर में इसका इलाज पर शोधकार्य चल रहे हैं और उम्मीद है की जल्द ही इसका इलाज मिल जायेगा.

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सन 1959 में कांगों के एक बीमार आदमी के खून का नमूना लिया गया और इसके कई सालों बाद डॉक्टरों को उसमें एचआईवी का वायरस मिला और ऐसा माना गया है कि यह व्यक्ति एचआईवी से संक्रमित पहला व्यक्ति था.

साइंस जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार सभी वैज्ञानिकों ने वायरस के जेनेटिक कोड के नमूने का विश्लेषण किया और इससे यह पता चला कि इस बिमारी की उत्पत्ति डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो की राजधानी किंशासा शहर से हुई है. कांगो की राजधानी में तेजी से बढ़ती वैश्याव्रत्ति आबादी और दवाइयों की दुकानों में संक्रमित सुइयों का उपयोग करने से यह बीमारी बहार फैली एसा माना जाता है.

सन 1960 में HIV (Human immunodeficiency virus) अफ्रीका से हैती और कैरिबियन तक फैल चूका था. फिर यह वायरस सन 1970  के आसपास कैरिबियन से न्यूयॉर्क शहर और फिर एक दशक में सैन फ्रांसिस्को तक पहुंच गया. संयुक्त राज्य अमेरिका में लोगो की यात्रा के कारन यह वायरस दुनिया भर में फ़ैल गया.

सन 1981 में में एड्स की पहचान हुई. डॉक्टर माइकल गॉटलीब ने Los Angeles में पांच मरीजों में एक अलग किस्म का निमोनिया पाया. डॉक्टर ने पाया कि इन सब मरीजों में रोग से लड़ने वाला तंत्र अचानक से कमजोर पड़ गया था. ये पांचों मरीज समलैंगिक थे इसलिए शुरुआत में डॉक्टरों को लगा कि यह बीमारी केवल समलैंगिकों में ही होती है. इसीलिए एड्स को GRID  यानि Gay-related immune deficiency का नाम दिया गया.

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इसके बाद फ्रांस में सन 1983 में Look Monte Gniyr(लुक मॉन्टेगनियर) और (Françoise Barré-Sinoussi)फ्रांसोआ सिनूसी ने एलएवी वायरस की खोज की थी और सन 1984 के आसपास अमेरिका के रॉबर्ट गैलो ने एचटीएलवी-3 वायरस की खोज की थी. इसके बाद सन 1985 के आसपास ज्ञात हुआ कि ये दोनों वायरस एक ही हैं. सन 1986 में पहली बार इस वायरस को एचआईवी यानी (ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस) Human immunodeficiency virus का नाम दिया गया.

कैसे फैलता है
इस घातक बीमारी को लेकर सबसे पहला और अहम सवाल यही है की यह कैसे फैलता है ताकि लोग इसके कारणों को जानकर इससे बचने के उपाय कर सकें. यह रोग खून, पुरुष के वीर्य, महिला की योनी से निकलने वाले तरल, खून या सुई व स्तनपान से फैलता है.

अगर आपको मन है एड्स के बारे में कोई गेरसमज हो तो बता दें कि किसी भी एचआईवी मरीज के साथ हाथ मिलाने से या किसी एचआईवी ग्रसित इंसान के साथ रहने से या इसे छूने से यह रोग नहीं फैलता है, इसीलिए एचआईवी मरीज के प्रति अच्छा व्यवहार करे और उसे एक आम जिन्दगी जीने का मोका दे.

कितना समय लेता है एड्स फ़ैल ने में
इस सवाल के जवाब में डॉक्‍टर्स का कहना है कि आप अगर किसी AIDS(Acquired Immune Deficiency Syndrome) पीड़ित के संपर्क में आ जाते हैं तो हो सकता है कि आपके अंदर उसके लक्षण एक साल बाद दिखें या यह भी हो सकता है कि लक्षण 5 साल या कभी-कभी 10 साल के बाद भी नजर आता है. इसी लिए इसकी पुष्‍टी करने के लिए आपको समय-समय पर खून की जांच कराते रहना चाहिए.

क्‍या करना होगा AIDS से बचने के लिए
इस घातक बीमारी से बचने का एकमात्र उपाय है सुरक्षा. ध्‍यान दें कि आप असुरक्षित सेक्स ना करें. किसी अनजान के साथ सेक्स ना करें. इंजेक्शन लगवाने के लिए नई सुई का ही इस्तमाल करे. नाई के पास बाल कटाते समय नया ब्लेड ही इस्तेमाल करें. किसी भी अनजान के साथ किसी भी तरह का संबंध न बनाएं. जरूरत पड़ने पर सुरक्षित खून ही लें.

औषधी विज्ञान में एड्स के इलाज पर निरंतर संशोधन जारी हैं भारत, जापान, अमरीका, युरोपीय देश और अन्य देशों में इस के इलाज व इससे बचने के टीकों की खोज जारी है .

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