Ospreys in Hindi: ऑसप्रे दुनिया में सबसे ज्यादा व्यापक रूप से पाने जाने वाला एक उत्क्रुस्ट शिकारी पक्षी है जो Pandionidae परिवार का सदस्य है. क्या आप जानते हैं कि यह एकमात्र ऐसा Raptor (शिकारी पक्षी) है जो सीधे पानी में छलांग लगाकर मछली पकड़ता है? इस अद्भुत पक्षी का वैज्ञानिक नाम Pandion haliaetus है।
ओस्प्रे (Osprey) एक बड़ा शिकारी पक्षी है जिसे हिंदी में “मछली बाज़” या “कैकर” भी कहते हैं। यह अपनी गज़ब की मछली पकड़ने की क्षमता के लिए जाना जाता है। यह Antarctica को छोड़कर पूरी दुनिया में पाया जाता है।
तो आज इस आर्टिकल में हम इस शातिर शिकारी पक्षी ओस्प्रे के बारे में कुछ रोचक और मजेदार तथ्य बताने वाले हैं।
Amazing facts about Ospreys in Hindi | कैकर(Osprey) पक्षी के बारे में रोचक तथ्य
ओस्प्रे (Pandion haliaetus) एक बड़े आकार का मांसाहारी पक्षी है जो दुनियाभर की नदियों, झीलों और समुद्री तटों के पास पाया जाता है। यह Antarctic को छोड़कर हर महाद्वीप पर मौजूद है और अपनी बेजोड़ मछली पकड़ने की क्षमता के लिए जाना जाता है। IUCN Red List के अनुसार इस पक्षी की Conservation Status “Least Concern” है, यानी यह प्रजाति अभी खतरे में नहीं है, जो इसके संरक्षण के लिए एक अच्छी खबर है।
1. ओस्प्रे पक्षी को समुद्री हॉक, रिवर हॉक या फिश हॉक भी कहा जाता है.
2. ओस्प्रे पक्षी को मछलियो का शिकार करने वाल पक्षी कहा जाता है क्यूंकि यह पानी के ऊपर से मछली को पकड़ क्र दबोच लेता है.
3. Ospreys in Hindi के आहार में साप, मेढक, छोटे जिव-जंतु और छोटे पक्षी सामिल है पर फिर भी इस पक्षी का 99% आहार मछली ही है.
4. ओस्प्रे की लम्बाई करीब 24 इंच होती है लेकिन अपनी पंखो सहित है करीब 70 फ़ीट के होते है.
5. ओस्प्रे Antarctica को छोड़कर पूरी दुनिया में पाया जाता है.
6. यह पक्षी का ओसतन जीवनकाल करीब 10 साल का होता है हालाकी कभी कभी यह 25 साल तक भी जीवित रहेते है.
7. ओस्प्रे की गर्दन का उपरी हिस्सा हल्का काले रंग का होता है वही पंख गहेरे भूरे रंग की होती है जबकि बाकि हिस्सा सफ़ेद रंग का होता है.
8. Osprey ही एक मात्र एसा Raptor है जो पानी के अन्दर दुबकी या छलांग लगाता है और मछली को पकड़ के उड़ जाता है.
9. ओस्प्रे का वजन करीब 2 से 2.5 किलो तक का होता है. नर की तुलनामे मादा ओस्प्रे करीब 20 प्रतिसद बड़ी होती है.
10. ओस्प्रे खारे पानी की झील या समुद्र के आसपास के इलाको में रहेना पसंद करते है.
11. वैसे तो यह पक्षी पूरी दुनिया में पाए जाते है पर दिसंबर से मार्च महीने तक यह पक्षी ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के अन्य देशो से करीब 6 से 7 हजार किलोमीटर का प्रवास करके गोवा सहित भारत के अन्य राज्यों में आते है. मार्च खत्म होते होते यह पक्षी वापिस अपने घर चले जाते है.भारत में ये पक्षी मुख्य रूप से केरल, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और राजस्थान की बड़ी झीलों एवं नदियों के किनारे देखे जाते हैं।
12. स्कॉटलैंड में ओस्प्रे पक्षी सिर्फ प्रवास के लिए ही आते थे लेकिन आज स्कॉटलैंड में 400 से भी अधिक नर-मादा ओस्प्रे पाए जाते है.
13. ओस्प्रे आमतोर पर एकांत में ही रहेना पसंद करता है पर कभी कभी 5 से 6 के झुंड में भी पाए जाते है. ज्यादातर नर ओस्प्रे प्रजनन के वक्त ही मादा के पास आता है.
14. ओस्प्रे का प्रजनन काल ज्यादातर मार्च से लेकर जून तक होता है और प्रजनन के बाद मादा 1 से लेकर 3 अंडे देती है..
15. ओस्प्रे अन्य हॉक की तरह कुशल फ्लायर और शिकारी पक्षी है और अन्य शिकारी पक्षिओ जैसा ही है लेकिन इसके पंजे हॉक्स की बजाए उल्लू से ज्यादा मिलते है.
16. Ospreys in Hindi के पंजे के नाखून करीब 1 से 2 इंच तक के होते हैं जो उल्लू के पंजे की तरह मुड़े हुए होते हैं। इनकी वजह से वो बहुत आसानी से पानी के ऊपर छलांग लगाकर मछली को दबोच लेता है। इसके अलावा ओस्प्रे के पंजों की खासियत यह भी है कि इनकी उँगलियाँ दोनों दिशाओं में मुड़ सकती हैं, जिससे फिसलन भरी मछली को भी मजबूती से पकड़ा जा सकता है. यह क्षमता दूसरे शिकारी पक्षियों में नहीं पाई जाती।
17. मछली का शिकार करते वक्त यह करीब 82 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से पानी के उपर कूदता है.
18. क्या आपको पता है यह कभी कभी मछली का शिकार करने के लिए समुद्र के अन्दर करीब 100 फीट तक dive लगाता है.
19. ओस्प्रे शिकार के लिए झील, नदिया और समुद्र के ऊपर करीब 300 फीट की ऊंचाई पर लगातार उड़ते रहेते है और जब कोई भी मछली उपर आती है तो यह तीव्र गति से उन पर टूट पड़ता है.
20. ओस्प्रे जब शिकार की तलास में नीकलता है तब “Cheep” और “Chirp” जैसी आवाज निकालता है.
भारत में ओस्प्रे | Osprey in India
भारत में ओस्प्रे एक प्रवासी पक्षी (Migratory Bird) की तरह आता है। यह मुख्य रूप से सर्दियों के महीनों — अक्टूबर से मार्च — के बीच भारतीय उपमहाद्वीप में देखा जाता है। गोवा के समुद्री तट, केरल की बैकवाटर झीलें, राजस्थान का भरतपुर पक्षी अभयारण्य (केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान) और गुजरात की नल सरोवर झील इस पक्षी को देखने के लिए बेहतरीन जगहें हैं। Bird-watching के शौकीनों के लिए भारत में ओस्प्रे को देखना एक यादगार अनुभव होता है।
क्या आप जानते हैं? (Did You Know?)
🦅 ओस्प्रे की मछली पकड़ने की सफलता दर करीब 70% है. यानी हर 10 में से 7 बार यह अपने शिकार में सफल होता है! यह दर दूसरे शिकारी पक्षियों की तुलना में बेहद ज्यादा है। National Geographic के अनुसार, ओस्प्रे अपनी तैलीय, जलरोधक (Waterproof) पंखों और विशेष नासाछिद्रों (Nostrils) की मदद से पानी में डुबकी लगाते वक्त खुद को सुरक्षित रखता है।
दोस्तों, उम्मीद है आपको कैकर या ओस्प्रे पक्षी के बारे में रोचक जानकारी – Interesting Facts and Information about Ospreys in Hindi आर्टिकल पसंद आया होगा. कृपया इसको सभी जगह share जरुर करे.
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FAQs: Ospreys in Hindi
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क्या ओस्प्रे भारत में पाया जाता है?
हाँ, ओस्प्रे भारत में एक प्रवासी पक्षी के रूप में आता है। यह हर साल अक्टूबर से मार्च के बीच गोवा, केरल, गुजरात, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा जाता है। भरतपुर (केवलादेव) और नल सरोवर जैसे अभयारण्यों में यह आसानी से दिख जाता है।
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ओस्प्रे को हिंदी में क्या कहते हैं?
ओस्प्रे को हिंदी में कैकर या मछलीमार बाज कहते हैं। इसे अंग्रेज़ी में Sea Hawk, Fish Hawk और River Hawk भी कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Pandion haliaetus है।
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ओस्प्रे पक्षी कितनी ऊंची उड़ान भर सकता है?ओस्प्रे (Osprey) पक्षी आमतौर पर शिकार की तलाश में पानी की सतह से 30 से 100 मीटर (लगभग 100 से 300 फीट) की ऊंचाई पर उड़ते हैं। हालांकि, प्रवास (Migration) के दौरान वे इससे काफी अधिक, लगभग 3,000 से 6,500 फीट तक की ऊंचाई पर उड़ान भर सकते हैं।