Squirrel facts in Hindi: गिलहरी (Squirrel) एक छोटा लेकिन बेहद फुर्तीला और बुद्धिमान स्तनधारी जीव है, जिसे आपने अक्सर पेड़ों की टहनियों पर तेज़ी से दौड़ते, छलांग लगाते या अपने पंजों में कोई बीज या फल पकड़े हुए देखा होगा. अपनी लंबी झबरीली पूंछ, तेज़ दांत और अद्भुत संतुलन क्षमता के कारण यह दुनिया के सबसे आकर्षक छोटे जानवरों में गिनी जाती है. गिलहरियां जंगलों, खेतों, बगीचों और शहरों तक आसानी से खुद को ढाल लेती हैं. इस लेख में हम Squirrel Facts in Hindi के माध्यम से गिलहरी की प्रजातियों, भोजन, Habitat, Behavior, Lifespan और उससे जुड़े कई रोचक वैज्ञानिक तथ्यों के बारे में जानेंगे.
आप सभी ने गाँव और हमारे घर के आसपास पेड की टहनियों पर चलती और कूदती हुई गिलहरी(Squirrel) को जरुर देखा होगा. यह छोटीसी गिलहरी पूरी दुनिया में सिर्फ एशिया, अफ्रीका, यूरेशिया और अमेरिका में पाई जाती है. ऑस्ट्रेलिया में गिलहरी को बहार से लाया गया है.
चलिए जानते है गिलहरी के बारे में कुछ अनोखे और मजेदार तथ्यों के बारे में – Squirrel facts in Hindi
गिलहरी (Squirrel) Sciuridae परिवार का एक छोटा स्तनधारी जीव है, जिसकी दुनिया भर में लगभग 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं. यह अपने तेज़ दांत, लंबी पूंछ, पेड़ों पर चढ़ने की क्षमता और भोजन छिपाकर रखने की आदत के लिए प्रसिद्ध है. अधिकांश गिलहरियां दिन में सक्रिय रहती हैं, जबकि उड़न गिलहरियां मुख्य रूप से रात में बाहर निकलती हैं.
गिलहरी का वैज्ञानिक परिचय (Scientific Classification)
- वैज्ञानिक नाम (Family): Sciuridae
- वर्ग (Class): Mammalia
- गण (Order): Rodentia
- आहार: Omnivore (मुख्य रूप से शाकाहारी)
- मुख्य Habitat: जंगल, घास के मैदान, पर्वतीय क्षेत्र, शहर और बगीचे

गिलहरी के बारे में 21 मजेदार तथ्य | Squirrel Facts in Hindi
1. दुनिया में गिलहरी की 300 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं.
पहले लगभग 285 प्रजातियां मानी जाती थीं, लेकिन वर्तमान वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार Sciuridae परिवार में 300 से अधिक जीवित प्रजातियां शामिल हैं. इनमें पेड़ों पर रहने वाली, जमीन पर रहने वाली और उड़न गिलहरियां शामिल हैं.
2. गिलहरी कई प्रकार के वातावरण में रह सकती है.
गिलहरियां घने जंगलों, घास के मैदानों, पहाड़ी क्षेत्रों, शहरों और रेगिस्तानी इलाकों तक में रह सकती हैं.
हालांकि ये अत्यधिक ठंडे ध्रुवीय क्षेत्रों और अत्यधिक शुष्क रेगिस्तानों में सामान्य रूप से नहीं पाई जातीं.
3. गिलहरी के आगे के दांत जीवनभर बढ़ते रहते हैं.
गिलहरी कृंतक (Rodent) वर्ग का जानवर है.
इसके आगे के Incisor Teeth जीवनभर बढ़ते रहते हैं. इसलिए यह लगातार लकड़ी, बीज, छाल और कठोर चीजें कुतरती रहती है ताकि दांतों की लंबाई संतुलित बनी रहे.
4. गिलहरी अनजाने में नए पेड़ उगाने में मदद करती है.
गिलहरियां Acorns, अखरोट और अन्य बीजों को भविष्य के भोजन के लिए जमीन में छिपा देती हैं.
दिलचस्प बात यह है कि वे अपने सभी छिपाए हुए बीज वापस नहीं ढूंढ पातीं. ऐसे कई बीज बाद में अंकुरित होकर नए पेड़ों में बदल जाते हैं.
इस कारण गिलहरियां जंगलों के प्राकृतिक पुनर्जनन (Forest Regeneration) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
5. इसकी लंबी पूंछ संतुलन बनाए रखने में मदद करती है.
गिलहरी की झबरीली पूंछ केवल सुंदर दिखने के लिए नहीं होती.
यह
- संतुलन बनाए रखती है.
- छलांग लगाते समय दिशा नियंत्रित करती है.
- ठंड में शरीर को ढकने का काम करती है.
- खतरे के समय दूसरे जानवरों को भ्रमित भी कर सकती है.
6. इसके पंजे पेड़ों पर चढ़ने के लिए बने होते हैं.
गिलहरी के अगले पैरों में 4 उंगलियां और पिछले पैरों में 5 उंगलियां होती हैं.
इसके पंजों के नुकीले नाखून पेड़ों की छाल को मजबूती से पकड़ लेते हैं, जिससे यह आसानी से ऊपर-नीचे दौड़ सकती है.
7. गिलहरी पीछे की ओर भी देख सकती है.
गिलहरी की आंखें सिर के दोनों किनारों पर होती हैं.
इस कारण इसका Field of Vision काफी बड़ा होता है और यह अपने आसपास होने वाली गतिविधियों पर आसानी से नजर रख सकती है, जिससे शिकारी जानवरों से बचने में मदद मिलती है.
8. गिलहरी क्या खाती है?
हालांकि अधिकांश गिलहरियां मुख्य रूप से पौधों पर निर्भर रहती हैं, लेकिन वैज्ञानिक रूप से इन्हें Omnivore माना जाता है.
इनका भोजन शामिल है—
- बीज
- मेवे
- अखरोट
- बादाम
- फल
- मशरूम
- फूल
- कीड़े-मकोड़े
- पक्षियों के अंडे (कभी-कभी)
कुछ परिस्थितियों में ये छोटे जीवों के अवशेष भी खा सकती हैं.
9. उड़न गिलहरी वास्तव में उड़ती नहीं है.
दुनिया में उड़न गिलहरी (Flying Squirrel) की लगभग 50 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें भारत में भी कई प्रजातियां मौजूद हैं.
इसके शरीर के दोनों ओर त्वचा की एक पतली झिल्ली (Patagium) होती है.
यह पक्षियों की तरह उड़ती नहीं, बल्कि एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक Glide (फिसलती हुई उड़ान) करती है.
10. सर्दियों के लिए भोजन जमा करना इसकी खास आदत है.
ठंडे देशों में रहने वाली कई गिलहरियां सर्दियों से पहले बड़ी मात्रा में बीज और मेवे इकट्ठा करके अलग-अलग स्थानों पर छिपा देती हैं.
यही संग्रह कठिन मौसम में इनके भोजन का मुख्य स्रोत बनता है.
11. गिलहरी साल में एक से दो बार बच्चे पैदा कर सकती है.
अधिकांश गिलहरी प्रजातियां साल में 1 से 2 बार प्रजनन करती हैं.
इनका Gestation Period (गर्भकाल) प्रजाति के अनुसार लगभग 30 से 45 दिन तक होता है. एक बार में सामान्यतः 2 से 5 बच्चे जन्म लेते हैं, हालांकि कुछ प्रजातियों में यह संख्या अधिक भी हो सकती है.
12. जन्म के समय गिलहरी के बच्चे अंधे और बिना बालों के होते हैं.
नवजात गिलहरी के बच्चे बहुत कमजोर होते हैं.
वे जन्म के समय—
- अंधे होते हैं.
- शरीर पर बाल नहीं होते.
- अपने शरीर का तापमान नियंत्रित नहीं कर पाते.
शुरुआती कई सप्ताह तक वे पूरी तरह अपनी मां पर निर्भर रहते हैं.
13. अधिकांश गिलहरियां दिन में सक्रिय रहती हैं.
पेड़ों और जमीन पर रहने वाली अधिकांश गिलहरियां Diurnal होती हैं, अर्थात वे दिन में भोजन खोजती हैं और रात में आराम करती हैं.
वहीं Flying Squirrels मुख्य रूप से Nocturnal (निशाचर) होती हैं और सूर्यास्त के बाद अधिक सक्रिय होती हैं.
14. सभी गिलहरियां पेड़ों पर नहीं रहतीं.
दुनिया की सभी गिलहरियां एक जैसी नहीं होतीं.
इनकी तीन प्रमुख जीवनशैली होती हैं—
- Tree Squirrels – पेड़ों पर रहने वाली.
- Ground Squirrels – जमीन में बिल बनाकर रहने वाली.
- Flying Squirrels – पेड़ों के बीच Glide करने वाली.
हर प्रजाति अपने Habitat के अनुसार अलग-अलग तरीके से जीवन बिताती है.
15. भारतीय विशाल गिलहरी दुनिया की सबसे सुंदर गिलहरियों में गिनी जाती है.
Indian Giant Squirrel (Ratufa indica) भारत की सबसे बड़ी गिलहरी प्रजातियों में से एक है.
इसकी लंबाई पूंछ सहित लगभग 1 मीटर तक हो सकती है.
वहीं दुनिया की सबसे छोटी गिलहरियों में African Pygmy Squirrel शामिल है, जिसकी लंबाई केवल लगभग 10–13 सेंटीमीटर होती है.
16. खतरा महसूस होने पर गिलहरी दूसरे साथियों को भी चेतावनी देती है.
यदि गिलहरी किसी शिकारी को देखती है, तो वह तेज आवाज निकालती है और अपनी पूंछ को तेजी से हिलाती है.
इससे आसपास की अन्य गिलहरियां भी सतर्क हो जाती हैं और सुरक्षित स्थान पर चली जाती हैं.
यह व्यवहार इनके Communication का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है.
17. कुछ गिलहरियां अनाथ बच्चों को भी अपनाती हैं.
वैज्ञानिक अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ प्रजातियों की मादा गिलहरियां कभी-कभी अपने रिश्तेदारों के अनाथ बच्चों की भी देखभाल करती हैं.
हालांकि यह व्यवहार सभी प्रजातियों में नहीं देखा जाता, लेकिन यह उनके सामाजिक व्यवहार का रोचक उदाहरण है.
18. गिलहरी लंबी छलांग लगाने में माहिर होती है.
अपने छोटे शरीर के बावजूद गिलहरी लगभग 15 से 20 फीट (4.5–6 मीटर) तक छलांग लगा सकती है.
इसकी लंबी पूंछ, मजबूत पिछले पैर और शरीर का संतुलन इसे एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक सुरक्षित पहुंचने में मदद करते हैं.
19. गिलहरी कितने साल तक जीवित रहती है?
जंगली वातावरण में अधिकांश गिलहरियों का औसत Lifespan लगभग 6 से 12 वर्ष तक होता है.
वहीं सुरक्षित वातावरण और चिड़ियाघरों में कुछ गिलहरियां 15–20 वर्ष तक भी जीवित रह सकती हैं.
20. कुछ देशों में गिलहरी का शिकार भी किया जाता है.
दुनिया के कुछ देशों में आज भी गिलहरियों का शिकार भोजन के लिए किया जाता है.
हालांकि कई देशों में इनकी विभिन्न प्रजातियां कानूनी रूप से संरक्षित हैं और उनका शिकार प्रतिबंधित है.
विशेष रूप से दुर्लभ और संकटग्रस्त प्रजातियों के संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाए गए हैं.
21. गिलहरी के कई प्राकृतिक शिकारी होते हैं.
गिलहरी का शिकार कई जानवर करते हैं, जिनमें शामिल हैं
- उल्लू
- बाज
- चील
- सांप
- लोमड़ी
- जंगली बिल्लियां
- नेवला
इन्हीं खतरों से बचने के लिए गिलहरी अपनी तेज़ गति, ऊंची छलांग और पेड़ों पर चढ़ने की क्षमता का उपयोग करती है.
गिलहरी की याददाश्त कितनी अच्छी होती है?
अक्सर कहा जाता है कि गिलहरी अपने छिपाए हुए सभी बीज भूल जाती है, लेकिन यह पूरी तरह सही नहीं है.
वैज्ञानिकों के अनुसार गिलहरियों की Spatial Memory काफी अच्छी होती है और वे अपने अधिकांश छिपाए गए भोजन को याद रख सकती हैं. हालांकि कुछ बीज वास्तव में छूट जाते हैं, जिससे नए पेड़ उगने में मदद मिलती है.
क्या गिलहरी इंसानों के लिए फायदेमंद होती है?
हाँ. गिलहरियां प्राकृतिक वातावरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं.
ये
- बीज फैलाती हैं.
- जंगलों के पुनर्जनन में मदद करती हैं.
- खाद्य श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं.
- कई शिकारी जीवों के लिए भोजन का स्रोत बनती हैं.
- प्राकृतिक Ecosystem का संतुलन बनाए रखने में योगदान देती हैं.
गिलहरी की संरक्षण स्थिति (Conservation Status)
अधिकांश सामान्य गिलहरी प्रजातियां अभी व्यापक रूप से पाई जाती हैं, लेकिन कुछ दुर्लभ प्रजातियां Habitat Loss, जंगलों की कटाई, जलवायु परिवर्तन और अवैध शिकार के कारण खतरे में हैं.
इसलिए प्राकृतिक जंगलों का संरक्षण गिलहरियों के भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है.
निष्कर्ष
गिलहरी (Squirrel) आकार में भले ही छोटी हो, लेकिन उसकी फुर्ती, बुद्धिमत्ता और अनुकूलन क्षमता उसे प्रकृति के सबसे रोचक स्तनधारियों में शामिल करती है. भोजन छिपाने की आदत, लंबी छलांग लगाने की क्षमता, तेज दांत और पेड़ों पर तेजी से चढ़ने की कला उसे अन्य छोटे जानवरों से अलग बनाती है. इसके साथ ही गिलहरियां बीजों के प्रसार के माध्यम से जंगलों के विकास और प्राकृतिक Ecosystem को संतुलित रखने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं.
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FAQs: Squirrel facts in Hindi
-
दुनिया में गिलहरी की कितनी प्रजातियां हैं?
वर्तमान वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार Sciuridae परिवार में 300 से अधिक जीवित प्रजातियां पाई जाती हैं.
-
क्या उड़न गिलहरी वास्तव में उड़ सकती है?
नहीं. उड़न गिलहरी पक्षियों की तरह उड़ती नहीं है. यह अपने शरीर की त्वचा की झिल्ली की मदद से एक पेड़ से दूसरे पेड़ तक Glide करती है.
-
गिलहरी क्या खाती है?
गिलहरी मुख्य रूप से बीज, मेवे, फल, अखरोट और पौधों के अन्य भाग खाती है. कभी-कभी यह कीड़े-मकोड़े और पक्षियों के अंडे भी खा सकती है.
-
गिलहरी के दांत हमेशा क्यों बढ़ते रहते हैं?
गिलहरी एक Rodent है, इसलिए इसके आगे के दांत जीवनभर बढ़ते रहते हैं. कठोर चीजें कुतरने से इनकी लंबाई संतुलित रहती है.