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Facts and Information about Penguins in Hindi | पेंगुइन के बारे में संपूर्ण जानकारी और रोचक तथ्य

Facts and Information about Penguins in Hindi | पेंगुइन के बारे में संपूर्ण जानकारी और रोचक तथ्य

Penguins in Hindi: पेंगुइन समुद्री पक्षियों की एक अनोखी प्रजाति हैं, जो उड़ नहीं सकतीं. यह पूरी दुनिया में सिर्फ दक्षिण गोलार्ध में ही पाए जाते है, खासकर अंटार्कटिका में. पेंगुइन, किवी, कैसोवरी, शुतुरमुर्ग की तरह एक उडानहिन पक्षी है, जो स्फेनिस्कीनाइ परिवार का सदस्य है. चलिए इस आर्टिकल की मदद से जानते है इस समुद्री पक्षी के बारे में सारी जानकारी.

पेंगुइन (Penguins) उड़ानहीन (Flightless) समुद्री पक्षी है जो मुख्य रूप से दक्षिणी गोलार्ध और अंटार्कटिका में पाए जाते है. दुनिया भर में पेंगुइन की 18 प्रजातियां मौजूद है. इनका शरीर पानी में तैरने के लिए एकदम अनुकूल होता है. इनका मुख्य भोजन मछली, क्रिल और स्क्विड है. एम्परर पेंगुइन (Emperor Penguin) इनकी सबसे बड़ी प्रजाति है, जबकि लिटिल ब्लू पेंगुइन सबसे छोटी प्रजाति है.

पेंगुइन की कितनी प्रजातिया है? How many Species of Penguins in Hindi

वैज्ञानिकों के अनुसार, दुनियाभर में पेंगुइन की 18 प्रजातियां (Species) है, जो स्फेनिस्किडे परिवार से आती है. हालांकि, कुछ शोधकर्ता सफेद पंखों वाले पेंगुइन को एक अलग प्रजाति मानते है. इनमें से अंटार्कटिका में मुख्य रूप से केवल 5 प्रजातियां ही पाई जाती है, जिनमें एम्परर और एडिली पेंगुइन प्रमुख है.

पेंगुइन कहा पाए जाते है? Where are Penguins found in the world?

पेंगुइन दक्षिण गोलार्ध के कई देशो में पाए जाते है जिनमे न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, चिली, अंटार्कटिका, अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे कई द्वीपों पर रहेते है. गैलापागोस पेंगुइन इकलौती ऐसी प्रजाति है जो भूमध्य रेखा (Equator) के उत्तर में पाई जाती है.

पेंगुइन की शारीरिक रचना

Facts and Information about Penguins in Hindi | पेंगुइन के बारे में संपूर्ण जानकारी और रोचक तथ्य

पेंगुइन की पीठ का रंग काला होता है जबकि उसका अगला हिस्सा सफ़ेद रंग का होता है. इसका शरीर हवा, त्वचा और blubber जैसी तिन परतो से बना हुआ है.

पेंगुइन की सबसे बड़ी जीवित प्रजाति एम्परर है जिसका ओसतन वजन करीब 35 किलोग्राम और ऊंचाई 4 फीट होती है. जबकि सबसे छोटी प्रजाति लिटिल ब्लू है जिसका ओसतन वजन 1 किलोग्राम के आसपास होता है और ऊंचाई करीब 16 इंच होती है.

प्रागैतिहासिक पेंगुइन: जीवाश्मों (Fossils) से पता चला है कि करीब 6 करोड़ साल (60 million years) पहले धरती पर विशालकाय पेंगुइन मौजूद थे, जिनका वजन 80 किलोग्राम से ज्यादा और ऊंचाई इंसान के बराबर (करीब 6 फीट) हुआ करती थी.

पेंगुइन का व्यवहार – Behavior of Penguins in Hindi

पेंगुइन अपने जीवन का लगभग 75 प्रतिसद हिस्सा पानी में ही बिताते है. यह पानी में 27 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से तैर सकते है. पेंगुइन पानी के अन्दर शिकार को पकड़ने के लिए गोता लगाते रहेते है, जिनमे छोटे पेंगुइन करीब 2 मिनिट तक के गोते लगाते है. जबकि बड़ी प्रजाति एम्परर के पेंगुइन बहोत देर तक पानी के अंदर डूबकी लगा सकते है जिनमे सबसे ज्यादा 22 मिनिट में 1870 फीट की डुबकी का रेकॉर्ड दर्ज किया गया है.

पेंगुइन पानी के अलावा बर्फ, उष्णकटिबंधीय समुद्रतट और चट्टानी तटों पर भी रहेना पसंद करते है. पेंगुइन शर्मीले और मिलनसार स्वाभाव के होते है.

 पेंगुइन क्या खाते है? – What do Penguins Eat?

पेंगुइन एक मांसाहारी पक्षी है जो केवल मांस ही खाता है. इसके भोजन में क्रिल, स्क्विड, छोटे जलीय जंतु और मछलिया सामिल है. यह अपना भोजन पाने के लिए समुद्र में 200 से 300 मीटर तक का गोता लगाते है और कुछ पेंगुइन समुद्र के आसपास अपना भोजन तलाशते है.

पेंगुइन का प्रजनन

प्रजनन के मौसम के समय सारे पेंगुइन एक जुथ होते है इस जुट को Colony कहा जाता है. ज्यादातर पेंगुइन बड़े समूह यानि की कॉलोनीओ में ही संभोग करते है. इनके समूह में 100 से लेकर 100 हजार तक के पेंगुइन के जोड़े होते है

आमतौर पर एक नर कई सारी अन्य मादाओ के साथ संभोग करता है पर कई सारे एसे जोड़े भी होते है जो जीवनभर एक दुसरे के साथ ही रहेते है. प्रजनन के बाद मादा पेंगुइन 2 अंडे देती है जिसको दोनों सँभालते है.

पेंगुइन के दुश्मन

पेंगुइन समुद्र में शिकार की तलास करते समय कभी-कभी वो भी शिकार हो जाते है. समुद्र में पेंगुइन के दुश्मन में Leopard seal, शार्क और व्हेल जैसी बड़ी मछलिया शामिल है.

पेंगुइन का जीवनकाल – Lifespam of Penguins in Hindi

पेंगुइन का ओसतन जीवनकाल 15 से 20 साल का होता है लेकिन अब इसके लिए चिड़ियाघर में भी बहार जैसी सुविधा तैयार की जा रही है जिससे वो चिड़ियाघर में भी देखने को मिल रहा है. यहाँ पर इसका ओसतन जीवनकाल ज्यादा होगा क्यूंकि शिकार करने वाले जिव से खतरा मिट जाएगा.

पेंगुइन और इन्सानों का संबंध

पेंगुइन एक एसा पक्षी है जिसको इन्सानों से डर नहीं लगता है. वो जितना हो सके उतना इन्सानों के पास आता है. जमीन पर पेंगुइन को शिकार का कोई डर नहीं है. आमतौर पर पेंगुइन इन्सान के पास 10 फीट से ज्यादा करीब नहीं आते है. लेकिन यदि आप इसके पास जाते हो तो वो आपसे दूर नहीं भागेगा.

पेंगुइन के बारे में रोचक तथ्य – Facts about Penguins in Hindi

Facts and Information about Penguins in Hindi | पेंगुइन के बारे में संपूर्ण जानकारी और रोचक तथ्य
  1. दुनियाभर में पेंगुइन की 18 प्रजातियां है, जिनमें से कई प्रजातियां जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के कारण विलुप्ति की कगार पर है.
  2. पेंगुइन के दांत (Teeth) नहीं होते है, वे अपनी चोंच और जीभ पर मौजूद कांटों की मदद से मछली को सीधा निगल जाते है.
  3. पेंगुइन समुद्र का खारा पानी (Saltwater) भी आसानी से पी सकते है, क्योंकि उनकी आंखों के ठीक ऊपर एक सुप्राऑर्बिटल ग्रंथि (Supraorbital gland) होती है जो खून से नमक को अलग करके उसे छींक के जरिए बाहर निकाल देती है.
  4. पेंगुइन पानी से बाहर बर्फ पर करीब 6 फीट तक की ऊंची छलांग (Jump) लगा सकते है.
  5. एम्परर पेंगुइन पानी के अंदर करीब 20 मिनट तक अपनी सांस रोक सकते है.
  6. पेंगुइन साल में एक बार अपने सारे पुराने पंख गिराकर नए पंख उगाते है. इस प्रक्रिया को कैटास्ट्रोफिक मोल्ट (Catastrophic molt) कहा जाता है. इस दौरान वे पानी में तैर नहीं सकते.
  7. जब बहुत तेज बर्फीली हवाएं चलती है, तो पेंगुइन ठंड से बचने के लिए एक-दूसरे से सटकर एक गोल घेरा (Huddle) बना लेते है.
  8. क्या आप जानते है कि पेंगुइन के घुटने (Knees) भी होते है, लेकिन वे उनके शरीर के छोटे पैरों और परतों के अंदर छिपे होते है, जिस कारण वे हमें दिखाई नहीं देते.
  9. मैगेलैनिक पेंगुइन जैसी प्रजातियों को तेल रिसाव (Oil Spills) का बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ता है, जिससे हर साल हजारों पेंगुइन की मौत हो जाती है.
  10. गैलापागोस पेंगुइन दुनिया की इकलौती ऐसी पेंगुइन प्रजाति है जो भूमध्य रेखा के पास गर्म जलवायु में पाई जाती है.
  11. पेंगुइन के पंख (Flippers) उड़ने के लिए नहीं बल्कि पानी में तैरते समय पतवार (Paddle) की तरह काम करते है.
  12. नर एम्परर पेंगुइन अंटार्कटिका की -40°C की भयानक ठंड में लगातार 2 महीने तक बिना कुछ खाए-पिए अंडे को अपने पैरों पर रखकर सेते है.
  13. पेंगुइन अक्सर बर्फ पर अपने पेट के बल फिसलते हुए नजर आते है, इसे टोबोगनिंग (Tobogganing) कहा जाता है. इससे उनकी ऊर्जा बचती है.
  14. हर पेंगुइन की आवाज (Call) अलग होती है. इसी खास आवाज के जरिए नर और मादा पेंगुइन लाखों की भीड़ में भी एक-दूसरे को और अपने बच्चों को पहचान लेते है.
  15. दुनिया में 25 अप्रैल को World Penguin Day (विश्व पेंगुइन दिवस) मनाया जाता है.

उम्मीद है आपको पेंगुइन के बारे में संपूर्ण जानकारी और रोचक तथ्य | Facts and Information about Penguins in Hindi का यह आर्टिकल पसंद आया होगा. कृपया इस जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें.

FAQs

पेंगुइन अपना भोजन कैसे करते है?

पेंगुइन पूरी तरह से मांसाहारी होते है. इनके दांत नहीं होते, इसलिए वे अपनी चोंच की मदद से पानी के अंदर मछली, क्रिल और स्क्विड को पकड़कर सीधा निगल जाते है.

पेंगुइन पानी के अंदर कितनी देर तक सांस रोक सकते है?

छोटी प्रजाति के पेंगुइन पानी में 2 मिनट तक सांस रोक सकते है, जबकि सबसे बड़ी प्रजाति एम्परर पेंगुइन 20 मिनट से भी ज्यादा समय तक पानी के अंदर रह सकती है.

पेंगुइन उड़ क्यों नहीं सकते?

लाखों सालों के विकास (Evolution) में पेंगुइन के पंख उड़ने के बजाय पानी में तैरने के लिए पतवार (Flippers) में बदल गए, और इनकी हड्डियां भारी हो गई, जिससे ये हवा में उड़ नहीं सकते.

दुनिया का सबसे बड़ा पेंगुइन कौन सा है?

दुनिया का सबसे बड़ा जीवित पेंगुइन एम्परर पेंगुइन (Emperor Penguin) है. इसका वजन लगभग 35-40 किलो और ऊंचाई 4 फीट तक होती है.

क्या पेंगुइन खारा पानी पी सकते है?

हाँ, पेंगुइन आसानी से समुद्र का खारा पानी पी सकते है. उनकी आंखों के पास एक खास ग्रंथि (Supraorbital gland) होती है जो पानी से नमक को अलग करके शरीर से बाहर निकाल देती है.

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