What are the red and yellow alerts in Hindi ? मौसम के रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट क्या है? कब जारी किया जाता है?

जानिए मौसम के अलर्ट के बारे में पूरी जानकारी
What are the red and yellow alerts in Hindi ? मौसम के रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट क्या है? कब जारी किया जाता है?

इस साल बारिश अपनी चरमसीमा पर है, इस साल कई सारे ऐसे क्षेत्र है जहा पर बहोत ही ज्यादा मात्रा में बारिस हुई है जिसकी बदलोत कई सारे विस्तार के लोगो को एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ा है. मौसम विभाग पहेले से ही हर एक क्षेत्र को अलग-अलग तरह की अलर्ट के बारे में बता देते है ताकि सभी लोग बिना कोई मुस्केली के वहा से निकल सके.

लेकिन सवाल यह आता है की मौसम विभाग हर वक्त अलग-अलग तरह के अलर्ट के बारे में बताते है जैसे की रेड अलर्ट, येलो अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट पर इन सब का मतलब क्या होता है? आइए जानते है इस आर्टिकल के माध्यम से.

मौसम विभाग अलर्ट का इस्तमाल कैसे करते है?
मौसम विभाग बदलते मौसम से सावधान रहेने के लिए अलग-अलग तरह के रंगो का इस्तमाल करके हमको अलर्ट करते है. इसके लिए उन्होंने कई तरह की एजेंसी के साथ करार किया हुआ है. मौसम विभाग के इन रंगों का इस्तमाल खासकर के भीषण गर्मी, शरीद और चक्रवात के लिए उपयोग किया जाता है. चलिए देखते है अलग-अलग रंगों का क्या मतलब होता है?

रेड अलर्ट
जब भी कोई क्षेत्र में भीषण चक्रवात के और 130 किलोमीटर से अधिक स्पीड के पवन के साथ तेज बारिश आने वाली होती है उस वक्त उस क्षेत्र में रेड अलर्ट घोषित किया जाता है. इस दौरान वहा के क्षेत्र के लोगो को यह सूचित किया जाता है की आप इस जगह से दूर चले जाइए और वहा के प्रशासन  को तात्कालिक मदद के लिए तैनात किया जाता है.

मौसम विभाग के मुताबिक रेड अलर्ट का मतलब होता है खतरनाक स्थिति. जब मौसम का स्तर खतरनाक स्तर पर पहोच जाता है और भारी नुकसान होने वाला होता है तब रेड अलर्ट का इस्तमाल किया जाता है.

येलो अलर्ट
मौसम विभाग इस अलर्ट का इस्तमाल खतरे से सावधान रहेने के लिए करता है. इस प्रकार की चेतावनी में नुकसान नहीं होता है लेकिन फिर भी सावधानी बरतने की जरुरत होती है ताकि आने वाली मुसीबत से बच सके.

जब भी 7.5 मिमी. से 15 मिमी तक की बारिस होती है जो लगभग 1 से 2 घंटे तक लगातार बरसती है एसी स्थिति में येलो अलर्ट जारी किया जाता है. कभी-कभी बाढ़ आने का खतरा भी रहेता है इसी वजह से मौसम विभाग इस तरह के क्षेत्र पर नजर लगाए रखता है.

ऑरेंज अलर्ट
जैसे-जैसे येलो अलर्ट दिए गए क्षेत्र में मौसम ज्यादा से ज्यादा ख़राब होने लगता है तब मौसम विभाग की येलो अलर्ट ऑरेंज अलर्ट में बदल जाती है. ऑरेंज अलर्ट का सुजाव यह होता है की इस क्षेत्र में मौसम बहोत ही ख़राब होने वाला है जो सडक और वाहन के साथ-साथ लोगो को भी नुकसान पंहुचा सकता है.

इसी लिए जिस भी क्षेत्र में ऑरेंज अलर्ट जारी किया जाता है इस क्षेत्र के लोगो को घर से बहार न निकलने की सलाह दी जाती है और यह भी कहा जाता है की हो सके तो इस इलाके से दूर चले जाइए.

इस प्रकार के अलर्ट में चक्रवात की स्पीड 65 से 75 किलोमीटर/घंटा होती है और 15 से 35 मिमी जैसी घनघोर बारिश होने की सम्भावना रहेती है जिससे इस क्षेत्र में बाढ़ आने की संभावनाए काफी बढ़ जाती है. इसी वजह से इस क्षेत्र के लोगो को इस इलाके को छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने का प्लान भी तैयार रखना पड़ता है.

ग्रीन अलर्ट
कई बार मौसम विभाग ग्रीन अलर्ट भी जारी करता है क्यूंकि आसपास के लोगो को पता चले की यहाँ पर कोई भी खतरा नहीं है. खास करके यह अलर्ट समुद्र के आसपास वाले क्षेत्र में किया जाता है ताकि वो बेफिकर होकर अपना काम कर सके.

निष्कर्ष
मौसम के रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट के पीछे मौसम विभाग और जो भी एजेंसीयो इसके लिए काम करती है वो सभी का एक ही मकसद होता है की खतरा आने से पहेले ही इसके बारे में बता दिया जाए जिससे अलर्ट के क्षेत्र के लोग अपने परिवार को सुरक्षित रख सके साथ ही साथ अपने वाहन को भी नुकसान होने से बचा सके.

दोस्तों, उम्मीद है आपको What are the red and yellow alerts in Hindi ? मौसम के रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट क्या है? कब जारी किया जाता है? आर्टिकल अच्छा लगा होगा. अगर कसीको यह आर्टिकल अच्छा ना भी लगा हो तब भी कृपया इसको share जरुर करे ताकि दुसरे लोगो तक पहोच सके और उनको भी मौसम विभाग के इस अलर्ट के बारे में पता चल सके.

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