Amazing Facts about Swamp Deer in Hindi: क्या आपको पता है कि जिस हिरन के सींघों में 12 या उससे भी ज्यादा शाखाएं होती हैं, उसी की वजह से इसे “बारहसिंगा” नाम मिला, लेकिन आज पूरी दुनिया में इसकी संख्या सिर्फ 4,000-5,000 के आसपास ही बची है? एक समय था जब यह हिरन पूरे उत्तर भारत के दलदली मैदानों में आसानी से देखने को मिलता था, लेकिन आज यह सिर्फ चंद अभयारण्यों और नेपाल के कुछ जंगलों तक सीमित रह गया है. चलिए जानते हैं इस दुर्लभ हिरन से जुड़े कुछ ऐसे रोचक तथ्य जो शायद आपको पहले नहीं मालूम होंगे.
बारहसिंगा (Swamp Deer), जिसे वैज्ञानिक भाषा में Rucervus duvaucelii कहा जाता है, हिरन परिवार (Cervidae) का एक मध्यम आकार का सदस्य है जिसे इसके 12 शाखाओं वाले सींघों की वजह से यह नाम मिला. यह आज सिर्फ भारत और नेपाल के कुछ संरक्षित इलाकों में ही पाया जाता है, इसकी वैश्विक Population करीब 3,500-5,100 के बीच है, और IUCN ने इसे “Vulnerable” श्रेणी में रखा है.
बारहसिंगा ज्यादातर उत्तरी भारत में पाए जाता है हालाकी फ़िलहाल यह सायद ही भारत के कसी जिल्ले में देखने को मिलता होगा, आज यह जानवर नेपाल में देखने को मिलता है. आप को इस जानवर के नाम से जरुर सवाल हो रहा होगा की यह कैसा नाम है ? बारहसिंगा नाम इसके सिंघो की वजह से ही दिया गया है क्यूंकि इसके सिंघो में 12 या 12 से भी ज्यादा शाखाए होती है जो आप तस्वीर में देख सकते हो.
आज की इस आर्टिकल में हम आपको यह दुर्लभ जिव के बारे में बताने जा रहे है जो आज सायद ही भारत में देखने को मिलता है. यह जानवर क्या खाता है और कहा पाया जाता है और कई सारी Information about Swamp Deer(Barasingha) in HIndi आपको मिलने वाली है.
बारहसिंगा के बारे में रोचक तथ्य | Information about Swamp Deer (Barasingha) in Hindi
1. बारहसिंगा को “दलदल का हिरन” भी कहा जाता है. आज यह जानवर पूरी दुनिया से लगभग गायब हो चुका है, अब यह सिर्फ उत्तर भारत के कुछ अभयारण्यों और नेपाल में ही पाया जाता है. यह पहले ही बांग्लादेश और पाकिस्तान से पूरी तरह विलुप्त हो चुका है.
2. यह एक मध्यम आकार का हिरन है जिसकी Shoulder Height करीब 119-124 सेमी होती है. नर बारहसिंगा का वजन करीब 170 से 200 किलोग्राम तक होता है, वहीं मादा का वजन इससे थोड़ा कम, करीब 140-145 किलोग्राम तक होता है. नर मादा से थोड़े बड़े होते हैं.
3. बारहसिंगा का औसतन Lifespan करीब 20 से 23 साल का होता है.
4. बारहसिंगा की तीन उपप्रजातियां (Subspecies) पाई जाती हैं. Western Barasingha (R. d. duvaucelii) गंगा के मैदानों और नेपाल के तराई इलाकों में पाया जाता है, Southern या Hardground Barasingha (R. d. branderi) सिर्फ मध्य प्रदेश के कान्हा नेशनल पार्क में बचा है, वहीं Eastern Barasingha (R. d. ranjitsinhi) असम के काज़ीरंगा और मानस नेशनल पार्क में पाया जाता है.
5. यह ज्यादातर झुंड (Herd) में ही रहना पसंद करते हैं. इनके झुंड की संख्या आमतौर पर 20 से 60 तक होती है, जिनमें नर के मुकाबले मादा ज्यादा होती हैं. कभी-कभी सिर्फ नर या सिर्फ मादा के झुंड भी बन जाते हैं.
6. जब भी Mating Season आता है, तब एक ही झुंड में मौजूद सभी नर आपस में मादा को रिझाने के लिए लड़ते हैं और जो नर जीतता है, मादा बारहसिंगा उसी के साथ Mate करती है. इनका गर्भकाल (Gestation Period) करीब 240-250 दिन (8 से 8.3 महीने) का होता है, जिसके बाद मादा आमतौर पर एक ही सावक को जन्म देती है.
7. बारहसिंगा पूर्ण रूप से Herbivore (शाकाहारी) जानवर है, जो पेड़ों की पत्तियां, घास और दलदली इलाकों में उगने वाले जलीय पौधे खाता है. यह ज्यादातर सुबह और शाम के वक्त ही भोजन के लिए निकलता है और दिनभर आराम करता है.
8. बारहसिंगा गर्दन पर लंबे बाल होते है और उनके शरीर का रंग हल्का नारंगी और हल्के भूरे रंग का होता है.
9. बारहसिंगा का शिकार शेर, बाघ और तेंदुआ जैसे जानवर करते हैं. यह इनके प्राकृतिक Food Chain का हिस्सा है, लेकिन इसके अलावा इंसान भी सींघों और मांस के लालच में इसका अवैध शिकार करते रहे हैं, जो इसकी घटती संख्या की एक बड़ी वजह है.
10. वर्तमान में यह हिरन प्रजाति बेहद दुर्लभ हो चुकी है. पहले यह पूरे दक्षिण एशिया में फैली हुई थी, लेकिन Habitat Loss, दलदली इलाकों के खेती में बदलने और अत्यधिक शिकार की वजह से आज इसकी संख्या बेहद सीमित रह गई है.
11. IUCN की रिपोर्ट के अनुसार आज पूरी दुनिया में बारहसिंगा की कुल संख्या करीब 3,500 से 5,100 के बीच मानी जाती है. इनमें से Western Barasingha की संख्या करीब 1,500-2,300 (भारत और नेपाल मिलाकर), Eastern Barasingha की करीब 350-1,000 और सबसे दुर्लभ Hardground Barasingha की सिर्फ करीब 300-750 के आसपास बची है.
12. सबसे चिंताजनक स्थिति Hardground Barasingha की है, जो अब सिर्फ कान्हा नेशनल पार्क तक ही सीमित रह गया है और इसे IUCN द्वारा “Endangered” श्रेणी में रखा गया है. वहीं Eastern Subspecies को तो कुछ समय के लिए “Critically Endangered” भी माना गया था, हालांकि हाल के सालों में मानस नेशनल पार्क में Reintroduction के प्रयासों से इसकी संख्या में थोड़ा सुधार हुआ है.
13. बारहसिंगा को भारत में Wildlife Protection Act, 1972 के तहत Schedule I में रखा गया है, जो इसे सबसे ऊंचे स्तर की कानूनी सुरक्षा देता है, और इसे CITES Appendix I में भी शामिल किया गया है ताकि इसके अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर रोक लगाई जा सके.
14. मध्य प्रदेश का Kanha National Park बारहसिंगा को अपने राज्य पशु का दर्जा देता है, और यहां चलाए गए Conservation Programs की वजह से Hardground Barasingha की संख्या में पिछले कुछ दशकों में धीरे-धीरे सुधार देखा गया है.
15. अगर इंसानों ने Habitat की रक्षा और अवैध शिकार रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाली पीढ़ियों को शायद यह खूबसूरत हिरन सिर्फ तस्वीरों में ही देखने को मिलेगा.
यदि आपको “बारहसिंगा के बारे में रोचक तथ्य और जानकारी” की सारी बातें Video के रूप में चाहिए तो नीचे दिए गए Video से देख सकते हो. यदि आपको Video अच्छा लगे तो हमारी Channel को आज ही Subscribe करें, ताकि सभी video की Notification आपको मिलती रहे.
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FAQs: Swamp Deer in Hindi
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बारहसिंगा को यह नाम क्यों दिया गया?
बारहसिंगा नाम इसके सींघों की वजह से दिया गया है, क्योंकि इसके सींघों में आमतौर पर 12 या उससे भी ज्यादा शाखाएं होती हैं.
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बारहसिंगा आज कहां पाया जाता है?
आज बारहसिंगा सिर्फ उत्तर भारत के कुछ अभयारण्यों (जैसे कान्हा, काज़ीरंगा, दुधवा) और नेपाल के कुछ इलाकों में ही पाया जाता है.
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दुनियाभर में बारहसिंगा की कितनी संख्या बची है?
IUCN के अनुसार आज दुनियाभर में बारहसिंगा की कुल संख्या करीब 3,500 से 5,100 के बीच है.
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बारहसिंगा की कितनी उपप्रजातियां हैं?
बारहसिंगा की तीन उपप्रजातियां हैं – Western, Eastern और Hardground (Southern) Barasingha.

भवेशजी आप ने अच्छी जानकारी दी है पर आपसे विनती है कि शुद्ध हिंदी का प्रयोग करें । श और स का सही प्रयोग करें क्योंकि गूगल से सभी व्यक्ति जानकारी जुटाते हैं इसलिए आवश्यक है कि उन तक जानकारी शुद्धहिन्दी में पहुंचाएं अपनी भाषा की बेहतरी के लिएयह मेरा आपसे अनुरोध है।धन्यवाद
Thank you for your reply. me aapkio baat ko dhyan rakhuga